
खान सर (फोटो- Khan Sir Instagram)
बिहार की राजधानी पटना के मशहूर शिक्षक खान सर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनकी चर्चा पर्यावरण बचाने के एक बड़े मिशन की शुरुआत करने के लिए हो रही है। खान सर ने बिहार के चार जिलों की सूरत बदलने के लिए 10 लाख पेड़ लगाने का प्रण लिया है, ये वो जिले हैं जहां हरियाली का स्तर सबसे कम है। इस बड़े प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह रकम वह लोगों की भागीदारी और अपनी निजी कोशिशों के मेल से जुटाने का इरादा रखते हैं।
खान सर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बताते हैं कि उनका मकसद उन इलाकों को फिर से हरा-भरा बनाना है, जहां अभी पेड़ों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने बताया कि शेखपुरा, शिवहर, बक्सर और सीवान में पेड़ लगाए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने बताया कि बिहार में पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिले में सबसे ज्यादा जंगल है और सबसे कम जंगल शेखपुरा में है। खान सर का मानना है कि अगर इन जिलों में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने के अभियान चलाए जाएं, तो इससे वहां के पर्यावरण में एक बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। खान सर ने कहा कि कोशिश है की हरियाली के मामले में पिछड़ रहे जिलों को अपने दम पर आगे बढ़ा कर ठीक-ठाक कर दिया जाए।
इस मिशन की विशालता का अंदाजा इसके बजट से लगाया जा सकता है। हिसाब-किताब समझाते हुए खान सर ने बताया कि अगर एक पौधे की औसत कीमत सिर्फ 20 रुपये भी मानी जाए, तो भी 10 लाख पौधे खरीदने में ही 2 करोड़ का खर्च आएगा। इस रकम में खाद, सुरक्षा के उपाय (जैसे पेड़ों की सुरक्षा के लिए गार्ड) और सिंचाई का अतिरिक्त खर्च शामिल नहीं है।
खान सर ने बताया कि पेड़ लागने के लिए सीड लाइन तकनीक नाम की एक खास विधि का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरीके में, पौधों को पहले नर्सरी में तब तक पाला-पोसा जाता है जब तक वे एक खास ऊंचाई तक न पहुंच जाएं, जिससे उन्हें जमीन में लगाने के बाद उनके जिंदा रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
खान सर ने आगे समझाया कि पेड़ लगाने की पहल एक लंबी अवधि का काम है। अगर हम आज कोई पेड़ लगाते हैं, तो उसे काफी बड़ा होने में दो साल लगेंगे। उसकी कैनोपी साइज बड़ी होगी। तभी उसे ठीक से मापा और परखा जाएगा। खान सर आगे कहते हैं कि सचमुच, इंसान चाहे तो कुछ भी हासिल करने में सक्षम है। जनता में वह ताकत है कि वह जो भी ठान ले, उसे पूरा कर सकती है। मदद के लिए दूसरों पर बहुत ज्यादा निर्भर न रहें।
इस संबंध में खान सर ने अपने खास अंदाज में कहा, 'हम बोले हैं तो पेड़ लगाएंगे ही, आखिर हम शिक्षक हैं, कोई नेता थोड़े ही हैं, जो एक पल में वादा करे और अगले ही पल उसे भूल जाए।' उन्होंने बताया कि पेड़ लगाने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। पौधों की देखभाल के लिए एक समर्पित टीम तैनात की गई है, जो पानी और खाद के प्रबंधन की देखरेख कर रही है।
इस मिशन के जरिए, खान सर ने बिहार की जनता को एक कड़ा संदेश भी दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए, हमें सिर्फ सरकार या किसी और के भरोसे हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना चाहिए। अगर हर व्यक्ति अपने स्तर पर जिम्मेदारी ले, तो शेखपुरा जैसे पिछड़े जिले भी हरियाली के मामले में चंपारण को टक्कर दे सकते हैं।
Updated on:
25 Mar 2026 12:51 pm
Published on:
25 Mar 2026 12:51 pm
