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बिहार: ‘किराये का पति’और उधार का बच्चा लेकर लग्जरी कार से खेप पहुंचाने निकली महिला गिरफ्तार, तस्करों का नेटवर्क देख अधिकारी भी हैरान

बिहार: मोतिहारी में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के एक अनोखे मामले का खुलासा किया है। विभाग की टीम ने 'किराये के पति' और उधार के बच्चे के साथ शराब की तस्करी करने निकली एक महिला को गिरफ्तार किया है।
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किराये का पति'और उधार का बच्चा

मोतिहारी में शराब तस्कर गिरफ्तार। फोटो (FB- अरविंद)

'किराये का पति' और उधार का बच्चा लेकर लग्जरी कार से शराब की खेप पहुंचाने निकली महिला को उत्पाद विभाग की टीम ने मोतिहारी में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद महिला ने पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं, जिनकी जांच उत्पाद विभाग की टीम कर रही है।

उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार के मोतिहारी जिले के कोटवा थाना क्षेत्र से होकर अवैध शराब की बड़ी खेप गुजरने वाली है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने इलाके में सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक लग्जरी कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें एक युवक, एक महिला और एक बच्चा सवार थे।

पूछताछ में पता चला कि कार चला रहा युवक महिला का असली पति नहीं, बल्कि तस्करी के दौरान परिवार का माहौल दिखाने के लिए बनाया गया 'किराये का पति' था। वहीं, साथ मौजूद बच्चा भी महिला का नहीं, बल्कि उधार का बच्चा था। महिला ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश से अवैध शराब की बड़ी खेप लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचाने जा रहे थे। फिलहाल उत्पाद विभाग पूरे मामले की जांच कर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटा है।

सीट के नीचे बना रखा था तहखाना

उत्पाद विभाग की टीम के अनुसार, कार को रोके जाने पर महिला ने शुरुआत में जांच का विरोध किया। उसने अधिकारियों पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई रोकने की कोशिश की। हालांकि, टीम ने जब कार की गहन तलाशी ली तो सभी हैरान रह गए। कार की सीट के नीचे बनाए गए विशेष तहखाने से भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने महिला, कार चालक और साथ मौजूद बच्चे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

'किराये का पति', उधार का बच्चा

पूछताछ के दौरान महिला ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने उत्पाद विभाग की टीम को बताया कि कार चला रहा व्यक्ति उसका असली पति नहीं है, बल्कि उसे 'किराये का पति' बनाकर साथ रखा गया था। तस्करी के दौरान उत्पाद विभाग और पुलिस को भ्रमित करने तथा परिवार का माहौल दिखाने के लिए उसे किराये पर रखा जाता था। इस काम के बदले उस युवक को प्रति खेप दो हजार रुपये दिए जाते थे। वहीं, महिला को 1,500 रुपये और साथ मौजूद बच्चे को 500 रुपये मिलते थे। महिला ने यह भी बताया कि तीनों अलग-अलग स्थानों के रहने वाले हैं और केवल शराब की खेप पहुंचाने के लिए एक साथ सफर कर रहे थे।