
पूर्णिया जेल से बांगलड़देशी नागरिक फरार
Bangladeshi Prisoner Escape: बिहार के पूर्णिया सेंट्रल जेल परिसर के बाहरी घेरे में बने डिटेंशन सेंटर से एक बांग्लादेशी नागरिक पुलिस और जेल प्रशासन को चकमा देकर से भाग निकला है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, पूर्णिया सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट और डिटेंशन सेंटर के प्रभारी अधिकारी मनोज कुमार ने स्थानीय थान में एक आधिकारिक पत्र भेजकर औपचारिक रूप से FIR दर्ज कराई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जेल सुपरिटेंडेंट मनोज कुमार द्वारा SHO को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, भागे हुए बांग्लादेशी नागरिक की पहचान जमशेद जलक सिकंदर के बेटे मोहम्मद मन्ना के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के नारायणगंज ज़िले के रूपगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अजीज़ नगर का रहने वाला है।
आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि आरोपी मन्ना को पहले सुपौल ज़िले की बीरपुर पुलिस ने 'फॉरेनर्स एक्ट, 1946' की धारा 14(A) के तहत अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत द्वारा सुनाई गई सजा पूरी होने के बाद, उसे बांग्लादेश वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। कागजी कार्रवाई पूरी होने तक उसे 31 मार्च 2026 को वीरपुर सब-जेल से पूर्णिया सेंट्रल जेल स्थित डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित किया गया था।
कड़ी सुरक्षा के दावों के बावजूद मन्ना डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा को भेदकर भागने में कामयाब रहा। जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक, वह डिटेंशन सेंटर की खिड़की तोड़कर भागा। जेल प्रशासन में हड़कंप तब मच गया जब रूटीन गिनती के दौरान एक कैदी गायब मिला। शुरुआती जांच में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात तीन होम गार्ड की भारी लापरवाही सामने आई है। उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
दिसंबर 2023 में SSB की 45वीं बटालियन ने मन्ना को सुपौल जिले के भीम नगर BOP इलाके में बॉर्डर पिलर नंबर 206/05 के पास संदिग्ध हालात में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि वह बांग्लादेश से सिलीगुड़ी होते हुए अवैध रूप से भारत में घुसा था और बस से सुपौल पहुंचा था। वह भीम नगर के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षा बलों ने उसे पकड़ लिया।
जेल प्रशासन ने फरार मन्ना की हालिया तस्वीरें और जेल के मुख्य गेट का CCTV फुटेज स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है। इस फुटेज के आधार पर, पुलिस का टेक्निकल सेल और स्पेशल टीमें उसकी आखिरी लोकेशन और भागने के रास्ते का पता लगा रही हैं। पूर्णिया बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और नेपाल से सटे सभी पुलिस स्टेशनों और इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी किसी भी हाल में राष्ट्रीय सीमा पार करके भागने में सफल न हो पाए।
पूर्णिया सेंट्रल जेल को बिहार की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक माना जाता है, जिसमें अभी लगभग 1,900 कैदी बंद हैं, जिनमें कई कुख्यात अपराधी शामिल हैं। इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर किसी विदेशी नागरिक का भागना जेल प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Updated on:
01 Jul 2026 05:07 pm
Published on:
01 Jul 2026 05:06 pm
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