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राज्य सभा जाने से पहले विकास का हिसाब; नीतीश कुमार आज से शुरू करेंगे वो काम, जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद!

बिहार की राजनीति में एक बड़े अध्याय के समापन और नए युग की आहट के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने चिर-परिचित अंदाज में फिर से यात्रा पर निकल रहे हैं। इस दौरान वो 5 दिनों में 10 जिलों का दौरा करेंगे।

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पटना

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Anand Shekhar

Mar 10, 2026

पटना में विकास कार्यों का जायजा लेते सीएम नीतीश कुमार

पटना में विकास कार्यों का जायजा लेते सीएम नीतीश कुमार (फोटो-X)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज, मंगलवार को अपनी समृद्धि यात्रा का तीसरा और सबसे अहम फेज शुरू कर रहे हैं। 5 मार्च को राज्य सभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन फाइल करने के बाद यह उनकी पहली बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता है। इस यात्रा को नीतीश कुमार की विदाई यात्रा के तौर पर भी देखा जा रहा है, जहां वे अगले पांच दिनों में कोसी और सीमांचल के 10 जिलों का दौरा कर डेवलपमेंट के कामों का रिव्यू करेंगे।

कोसी और सीमांचल: 5 दिनों में 10 जिलों का दौरा

मुख्यमंत्री की यह यात्रा आज सुपौल और मधेपुरा से शुरू हो रही है। उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्य के आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यात्रा का शेड्यूल कुछ इस प्रकार है...

  • 10 मार्च: सुपौल और मधेपुरा (रात मधेपुरा में रुकेंगे)।
  • 11 मार्च: किशनगंज और अररिया।
  • 12 मार्च: कटिहार और पूर्णिया।
  • 13 मार्च: सहरसा और खगड़िया।
  • 14 मार्च: बेगूसराय और शेखपुरा (दौरा खत्म)।

मुख्यमंत्री इस दौरान मधेपुरा को अपना बेस कैंप बनाएंगे, जहां वे अपने दोस्त ललन सर्राफ के घर पर रात्री विश्राम करेंगे। वहां से वे आसपास के जिलों का दौरा करेंगे। सरकार की ओर से कहा गया है कि इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे।

विधानसभा सत्र के कारण रुकी थी यात्रा

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की प्रचंड जीत के बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनवरी में समृद्धि यात्रा शुरू की थी। उस दौरान उन्होंने कई जिलों का दौरा किया था। हालांकि, फरवरी में विधानसभा का बजट सेशन शुरू होने की वजह से उनका दौरा रोकना पड़ा था। अब, बजट सेशन खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री एक बार फिर से बाकी जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं। इस दौरान, वह उन परियोजनाओं का फीडबैक लेंगे जिनका शिलान्यास उन्होंने चुनाव से पहले अपनी प्रगति यात्रा के दौरान किया था।

दो दशक में 15 से ज्यादा यात्रा

नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में जमीनी नेता के तौर पर देखा जाता है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भी वे अक्सर खुद विकास कार्यों का स्थल पर जाकर निरीक्षण करते रहे हैं। पिछले दो दशकों के अपने लंबे कार्यकाल में वे बिहार में करीब 15 बार अलग-अलग यात्राएं निकाल चुके हैं। इन यात्राओं के दौरान वे सीधे जनता से संवाद करते हैं और विकास योजनाओं का फीडबैक लेते हैं। कहा जाता है कि यह उनके सबसे पसंदीदा कार्यों में से एक है।

हाल में कई परियोजनाओं का किया निरीक्षण

राज्य सभा के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद भी, मुख्यमंत्री अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का दौरा कर रहे हैं। सोमवार को, उन्होंने पटना के मालसलामी में पटना घाट कनेक्टिविटी रोड के कंस्ट्रक्शन का इंस्पेक्शन किया। रविवार को, उन्होंने बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम के बीच बन रहे अंडरग्राउंड पैसेज प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

अप्रैल में बिहार को नया CM मिल सकता है

नीतीश कुमार के राज्य सभा के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के साथ, बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है। राज्य सभा चुनाव के लिए वोटिंग 16 मार्च को होगी और माना जा रहा है कि अप्रैल में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार बिहार की बागडोर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी बड़े नेता के हाथ में आ सकती है, जो बिहार के इतिहास में पहली बार होगा।

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री

जहां नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं, वहीं उनके बेटे निशांत कुमार ने रविवार (8 मार्च) को जेडीयू की प्राथमिक सदसेता लेकर औपचारिक रूप से राजनीति में एंट्री कर ली है। कार्यकर्ताओं ने युवा सोच, पक्का इरादा के नारों के साथ निशांत का पार्टी में स्वागत किया। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए, निशांत कुमार भी जल्द ही बिहार के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे।