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किस मंत्री के बेटे को बचा रही पुलिस? सेक्स रैकेट माफियाओं पर किसका हाथ? पप्पू यादव ने उठाया सवाल

Patna NEET student death case: शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड को लेकर पप्पू यादव ने तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि बिहार पुलिस किस खास नेता या मंत्री के बेटे को बचाने के लिए इतनी कोशिश कर रही है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 22, 2026

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव। फोटो- IANS

Patna NEET student death case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने बिहार में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर संवैधानिक पद पर आसीन किस नेता या मंत्री का पुत्र इस पूरे मामले में संलिप्त है, जिसे बचाने के लिए बिहार पुलिस सारी सीमाएं लांघ रही है।

किसे बचाने के लिए परिजनों को बदनाम किया जा रहा?

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि नीट छात्रा के मामले में पुलिस का रवैया संदेह के घेरे में है। उनका कहना है कि पीड़िता के परिजनों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है ताकि असली गुनहगार तक बात न पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई प्रभावशाली व्यक्ति या किसी नेता या संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री का बेटा शामिल नहीं होता, तो जांच की दिशा और तरीका अलग होता। उन्होंने पूछा की किसे बचाने के लिए पुलिस सार मर्यादा तोड़ रही है।

सेक्स रैकेट माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

पप्पू यादव ने पहले ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग के मालिक मनीष चंद्रवंशी उर्फ ​​मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक बार फिर इस बारे में एक बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि राजधानी में चल रहे कथित सेक्स रैकेट में शामिल माफिया को कौन सुरक्षा दे रहा है। पप्पू यादव ने साफ शब्दों में कहा, “हम इस मामले को छोड़ने वाले नहीं हैं।”

हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी पर भी उठाए सवाल

पप्पू यादव ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने असली दोषियों से ध्यान हटाने के लिए हॉस्टल मालिक को जल्दबाजी में जेल भेज दिया। उन्होंने मांग की कि मनीष रंजन को गहन पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया जाए ताकि पूरे नेटवर्क और साजिश का पर्दाफाश हो सके।

अस्पताल और डॉक्टरों की भूमिका पर संदेह

सांसद ने मामले में शामिल अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इलाज के दौरान छात्रा की असली हालत के बारे में पुलिस को पूरी जानकारी नहीं दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो शुरुआती जांच और पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल उठाते हैं।

परिवार का आरोप - कवरअप की कोशिश

मृतक छात्रा के परिजनों ने भी पुलिस पर मामले को दबाने और कवर-अप करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ और सबूत मिटाने की साजिश रची गई। परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है।

क्या है पुलिस का दावा

वहीं, पटना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी एंगल से की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अब तक किसी मंत्री या नेता के बेटे के शामिल होने का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और मेडिकल राय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।