
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव। फोटो- IANS
भाजपा नेता नवनीत राणा के उस बयान के बाद विवाद तेज हो गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मुसलमान 19 बच्चे पैदा कर सकते हैं तो हिंदुओं को भी तीन-चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया था कि हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाने की साजिश रची जा रही है। उनके इस बयान पर अब राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के नेता 19 नहीं, 21 बच्चे पैदा करें, किसने रोका है? अच्छी बात है।
पप्पू यादव ने कहा कि BJP नेताओं के घरों में भी बच्चों की संख्या कम नहीं है, और आजकल उनकी शादियां हिंदू और मुस्लिम सहित सभी समुदायों में हो रही हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर BJP सच में जातिगत भेदभाव खत्म करना चाहती है, तो उन्हें अपने ही परिवारों में दलित, पासवान और ऋषदेव समुदायों के लोगों से शादी करके एक मिसाल कायम करनी चाहिए। बदलाव सिर्फ बयान देने से नहीं, बल्कि मिसाल कायम करने से आता है। पप्पू यादव ने नवनीत राणा के बयान को धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति का एक रूप बताया और कहा कि देश को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की ज़रूरत है।
रॉबर्ट वाड्रा द्वारा प्रियंका गांधी को PM मटेरियल कहे जाने पर, पप्पू यादव ने कहा कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी दोनों में नेतृत्व के गुण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे भी प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य हैं। भाई-बहन के रिश्ते का उदाहरण देते हुए पप्पू यादव ने कहा, "राहुल और प्रियंका दूध और चीनी की तरह हैं, मैंने उनके बीच जिस तरह का समर्पण देखा है, वह शायद ही कभी देखने को मिलता है।"
पप्पू यादव ने बिहार के DGP के इस दावे पर कड़ी आपत्ति जताई कि 2025 में अपराध कम हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार हत्याएं हो रही हैं, आम लोग और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा, "अगर आप आंखें होते हुए भी अंधे और कान होते हुए भी बहरे बने रहते हैं, तो भी उससे सच नहीं बदलता।" यादव ने आरोप लगाया कि सरकार के समर्थकों को साफ-सुथरा और विरोधियों को माफिया कहने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
जितन राम मांझी के कमीशन वाले बयान पर पप्पू यादव ने कहा कि मांझी एक सीनियर नेता हैं और उन्होंने सिस्टम के बारे में कड़वी सच्चाई बताई है। यादव ने साफ तौर पर कहा कि MP-MLA फंड को या तो तीन गुना कर देना चाहिए या खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि मौजूदा सिस्टम में ऊपर से नीचे तक बिना पैसे के कुछ भी करवाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह मानना पड़ेगा कि कुछ अपवादों को छोड़कर, सिस्टम में भ्रष्टाचार बहुत गहराई तक फैला हुआ है।
Updated on:
24 Dec 2025 03:01 pm
Published on:
24 Dec 2025 03:01 pm
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