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सम्राट बोले- डीजीपी कर रहे निगरानी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा, तेजस्वी का तंज, डबल इंजन सरकार अपराधियों का हथियार बनी

पटना हॉस्टल कांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़िता के परिजनों ने छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप लगाया।

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डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (फोटो- X@ @samrat4bjp)

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा की दुष्कर्म के बाद मौत मामले पर गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हत्या में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद बिहार में सियासी तापमान बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार में डबल इंजन वाली NDA सरकार अत्याचार करने वालों के लिए एक भरोसेमंद हथियार बन गई है।

डबल इंजन सरकार अपराधियों का हथियार बनी

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि BJP-JDU गठबंधन सरकार अपराधियों को बचाने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर रही है, जबकि विरोध करने वालों और पीड़ितों के साथ खड़े होने वालों को दबा रही है। इसपर बीजेपी नेता और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की जनता ने पांच साल के लिए आराम करने का मौका दिया है। उनको आराम करना चाहिए। सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है।

छात्रा मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कर रही थी

पटना के चित्रगुप्त नगर शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा अपने कमरे में बेहोश मिली थी। छात्रा हॉस्टल में रहकर मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 05 जनवरी को बेहोशी हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में लड़की के द्वारा बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाने और टाइफाइड मौत का कारण बताया गया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि "यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता"। इसके बाद बवाल शुरू हो गया।

छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़िता के परिजनों ने छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के बाद हत्या करने का आरोप लगाया था। पीड़िता की मां ने पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन पर पैसा लेकर पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था। इस मामले पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि "पुलिस ने घटना की जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है। डीजीपी खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं। उसकी मौत में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।"

बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू

इधर, छात्रा की मौत के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन, घटना के दस दिन बाद भी पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं किया है। विवाद बढ़ने पर पुलिस दावा करती रही कि मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज में यौन उत्पीड़न का कोई संकेत नहीं मिला। पटना पुलिस ने 13 जनवरी को एक बयान में कहा था, "डॉक्टरों को यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस ने दावा किया कि लड़की ने बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाई थीं और उसे टाइफाइड था। इसकी वजह से उसकी मौत हो गई। इस बीच, रविवार को मृतक के परिवार वालों ने हॉस्टल वार्डन, डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मामले को दबाने का आरोप लगाया।

पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

लड़की के पिता ने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए आरोप लगाया, "हॉस्टल वार्डन, डॉक्टर और कुछ पुलिसकर्मी मिले हुए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हॉस्टल अधिकारियों ने हमें समझौता करने के लिए पैसे की पेशकश की, और पुलिसकर्मियों ने हमें मीडिया से बात न करने की धमकी दी।"

राजनीतिक हंगामा खड़ा हुआ

इस मामले के सामने आने के बाद पटना में राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए नीतीश कुमार सरकार पर "संवेदनशील न होने" और "अपराधियों को संरक्षण देने" का आरोप लगाया।राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने कुमार से व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी करने का आग्रह किया। रविवार को X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और लड़की और उसके परिवार वालों को जल्द न्याय दिलाना चाहिए। जिस प्राइवेट अस्पताल में लड़की का शुरू में इलाज हुआ था, वहां के डॉक्टरों ने मृतक के शरीर पर चोट के निशानों को नज़रअंदाज़ कर दिया। यह तथ्यों को छिपाने और दबाने की कोशिश हो सकती है।"

पप्पू यादव ने गृहमंत्री को लिखा पत्र

पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ ​​पप्पू यादव ने CBI जांच की मांग की और कहा कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस मामले की जांच कर रही SIT ने रविवार को उन प्राइवेट अस्पतालों का दौरा किया, जहां पहले लड़की का इलाज हुआ था और उनके स्टाफ के बयान दर्ज किए। अधिकारियों ने बताया कि हॉस्टल में रहने वाली कई लड़कियां रविवार को अपना सामान लेने परिसर में आईं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें स्थानीय पुलिस स्टेशन जाने को कहा।

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