पटना के पारस अस्पताल में इलाज के दौरान मारे गए चंदन मिश्रा केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह समेत सभी पांचों शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह में तौसीफ का मौसेरा भाई नीशू खान भी शामिल था। सभी आरोपियों को कोलकाता से पकड़ा गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस हत्या की साजिश नीशू खान के घर पर रची गई थी। गिरफ्तार किए गए बाकी आरोपियों में सचिन सिंह, हर्ष उर्फ हरीश कुमार, भीम कुमार और एक महिला अल्पना दास शामिल हैं। पूछताछ के दौरान हर्ष ने माना कि उसने घटना के दो दिन पहले शूटर्स को पारस अस्पताल ले जाकर कमरा नंबर 209 दिखाया था, जहां चंदन मिश्रा भर्ती थे। यही नहीं, उसने अस्पताल के अंदर घुसने और बाहर निकलने का रास्ता भी बताया। इससे साफ हो गया कि यह हत्या पूरी तरह से एक पूर्व नियोजित साजिश थी।
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इस साजिश में नीशू खान का नाम सामने आया है, जो लकवाग्रस्त है। जानकारी के मुताबिक, नीशू ने शूटर्स को अपने समनपुरा स्थित घर में पनाह दी थी और वारदात के बाद खुद भी फरार हो गया था। पुलिस को इस केस में अहम सुराग तब मिला जब तौसीफ के परिजनों ने जानकारी दी कि तौसीफ और उसके साथियों—मोनू, बलवंत, अभिषेक और नीलेश—घटना के बाद कोलकाता भाग गए हैं। इसी सूचना के आधार पर पटना पुलिस की टीम कोलकाता पहुंची और वहां की एसटीएफ के सहयोग से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अब सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता से पटना लाया जा रहा है। संभावना है कि आज पटना पुलिस इस पूरे हत्याकांड का खुलासा कर सकती है। यह केस अब एक संगठित और सुनियोजित अपराध की तस्वीर पेश कर रहा है, जिसमें हर कदम को प्लान करके अंजाम दिया गया।