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पटना: बकरी के बाल से खुला कत्ल का राज, 10 साल की मासूम की हत्या का आरोपी गिरफ्तार

पटना में 10 वर्षीय रौशनी हत्याकांड शुरुआत में पूरी तरह उलझा हुआ था और पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। लेकिन जांच के दौरान कंबल में मिले बकरी के बाल अहम सुराग साबित हुए, जिनके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना पुलिस ने 10 वर्षीय मासूम रौशनी की हत्या के आरोप में पटना सिटी से रंजीत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, रंजीत बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया था। दरवाजा बंद करने के बाद उसने उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। बच्ची के विरोध करने और शोर मचाने पर उसने उसका मुंह दबा दिया और सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद रंजीत ने शव को छिपाने के इरादे से पहले उसे बेड के नीचे रखा। देर रात करीब दो बजे वह शव को कंबल में लपेटकर तालाब में फेंकने निकला, लेकिन रास्ते में पुलिस को देखकर घबरा गया और शव को कचरे के ढेर में फेंककर भाग गया। 22 अप्रैल की सुबह रौशनी दूध देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी।

बकरी के बाल बने सुराग

पटना सिटी बाइपास थाना क्षेत्र के जल्ला महावीर मंदिर के पास संकरी गली में रहने वाली 10 वर्षीय छात्रा रौशनी की हत्या का मामला शुरुआत में पूरी तरह उलझा हुआ था। पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था, लेकिन टीम लगातार जांच में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थे।

गुरुवार की सुबह रौशनी का शव कचरे के ढेर के पास कंबल में लिपटा हुआ मिला था। परिजनों ने भी किसी पर हत्या का संदेह नहीं जताया, ऐसे में पुलिस को ही जांच की दिशा तय करनी पड़ी। तभी एक अहम सुराग पुलिस के हाथ लगा, जिसने मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद की।

पुलिस के अनुसार, जिस कंबल में शव लिपटा था, उसमें बकरी के बाल पाए गए। इसी आधार पर पुलिस ने आसपास के इलाके में बकरी पालन करने वालों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान संकरी गली में एक कमरे के बाहर चार-पांच बकरियां बंधी हुई मिलीं, जिससे पुलिस की जांच आगे बढ़ी।

बंद कमरे से पकड़ा गया आरोपी

जब पुलिस बाहर से बंद कमरे के पास पहुंची, तो भीतर किसी के होने का संदेह हुआ। कमरा खुलवाने पर अंदर रंजीत पसीने से लथपथ मिला। उसने कमरे का पंखा बंद कर रखा था और दरवाजे पर बाहर से ताला लगाया हुआ था, ताकि किसी को अंदर उसकी मौजूदगी का पता न चल सके। वह खिड़की के सहारे गली की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। शुरुआत में रंजीत ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने पूरी घटना कबूल कर ली।