
सांकेतिक तस्वीर। फोटो AI जनरेटेड
सोशल मीडिया पर बिहार में बच्चा चोरी को लेकर चल रही चर्चा के बीच पुलिस मुख्यालय ने फर्जी सूचना देने और कार्रवाई की बात का निर्देश जारी करने के बाद वर्ष 2025 में गायब हुए बच्चों का आंकड़ा शेयर किया है। पटना पुलिस मुख्यालय की ओर से शेयर किए गए नंबर के अनुसार बिहार में पिछले वर्ष 2025 में कुल 14,699 बच्चे लपाता हुए थे। इनमें से 7,772 का पता लगा लिया गया है, और बाकी 6,927 बच्चों को ढूंढने की कोशिश जारी है। इसके साथ ही कहा गया कि जिला अधिकारियों को पेंडिंग मामलों की पूरी तरह से जांच करने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि हो सकता है कि कुछ बच्चे पहले ही लौट आए हों, लेकिन जिला लेवल पर रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए गए हों।
बिहार पुलिस हेडक्वार्टर के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट और कमजोर वर्ग डिवीजन ने सभी रीजनल इंस्पेक्टर जनरल, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस को बच्चा चोरी की अफवाहों को तुरंत वेरिफाई करने और जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और पुलिस की मदद करने की भी अपील की है ताकि कानून-व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि "अगर लोगों को इस बारे में कोई भी संदिग्ध जानकारी मिलती है, तो उन्हें तुरंत पास के पुलिस स्टेशन को बताना चाहिए या डायल 112 पर कॉल करना चाहिए। लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए और पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए।" अधिकारियों के अनुसार, सभी जिलों में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट बनाई गई हैं और इनकी निगरानी राज्य-स्तरीय SJPU सेल करता है।
इसके अलावा, हर पुलिस स्टेशन में चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं, जो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी SOPs के अनुसार जांच करते हैं। ट्रैफिकिंग की चिंताओं को देखते हुए, जिलों में 44 एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बनाई गई हैं। बयान में कहा गया है कि राज्य के तीन बड़े एयरपोर्ट पटना, गया और दरभंगा पर भी AHTU चालू हैं, जबकि पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए एक यूनिट का प्रस्ताव है।
Published on:
26 Feb 2026 01:14 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
