
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव एक बार फिर एक्टिव हो गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने RJD सांसदों के साथ एक रिव्यू मीटिंग की। पटना में तीन घंटे चली मीटिंग के बाद एक ओर जहां सांसद सुधाकर सिंह ने पार्टी की नई रणनीति और तेजस्वी की यात्रा के बारे में जानकारी दी। वहीं, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने राजद की समीक्षा बैठक को दिखावा बताया।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी खुद आत्ममंथन करने और जिम्मेदारी लेने की है। अपने इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिन्हित गिद्धों को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी समीक्षा की सार्थकता साबित होगी… बाकी ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती-समझती ही है।" यह पहला मौका नहीं है जब रोहिणी ने तेजस्वी यादव या उनके सलाहकारों पर बिना नाम लिए तंज कसा हो। रोहिणी पहले भी कई बार तेजस्वी और खासकर संजय यादव पर ऐसे हमले कर चुकी हैं।
उधर पटना में RJD की संसदीय दल की बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। बैठक में संगठनात्मक कमजोरियों से लेकर आने वाले बजट सत्र की रणनीति तक हर बात पर चर्चा हुई। RJD सांसद सुधाकर सिंह ने बताया कि पार्टी ने तय किया कि राज्य विधानसभा और लोकसभा दोनों के बजट सत्रों के दौरान बिहार से जुड़े मुद्दों को कैसे उठाया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी एक बार फिर लोकसभा में बिहार के लिए विशेष दर्जे की मांग जोर-शोर से उठाएगी।
इसके अलावा, विधानसभा चुनावों में हार पर विस्तार से चर्चा हुई और एक रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे बैठक के बाद तेजस्वी यादव को सौंप दिया गया। सुधाकर के अनुसार, विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद तेजस्वी यादव राजनीतिक दौरे पर निकलेंगे और इसके लिए पार्टी आने वाली संगठनात्मक रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए एक बड़ी बैठक बुलाएगी।
रोहिणी आचार्य द्वारा सोशल मीडिया पे इस तरह का पोस्ट किया जाना कोई नई बात नहीं हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में RJD की हार के बाद भी, रोहिणी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उस समय, उन्होंने सीधे तौर पर कहा था कि पार्टी लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत गलत हाथों में सौंप रही है और कुछ सलाहकार और चापलूस नेता RJD को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें परिवार और संगठन दोनों में अन्याय का सामना करना पड़ा है और फैसले लेने की प्रक्रिया संकीर्ण सोच वाले लोगों के हाथों में चली गई है।
Published on:
16 Jan 2026 03:58 pm
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