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‘लालू यादव को नीतीश कुमार ने नहीं, जनता ने बनाया’, सम्राट चौधरी के दावे पर रोहिणी ने दिया जवाब

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किए गए दावों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री की उम्र, डिग्री और बयानों को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
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पटना

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Anand Shekhar

Apr 24, 2026

rohini acharya on samrat choudhary

सम्राट चौधरी और रोहिणी आचार्य

Bihar Politics: बिहार विधानसभा में शुक्रवार को सम्राट चौधरी सरकार ने विश्वास मत तो हासिल कर लिया, लेकिन सदन के भीतर हुई बहस ने राज्य के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार को लेकर दिए गए बयानों पर अब लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने मोर्चा खोल दिया है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखकर मुख्यमंत्री की याददाश्त और उनके राजनीतिक इतिहास पर कई सवाल खड़े किए हैं।

नीतीश ने बनाया CM वाले दावे पर पलटवार

सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने में नीतीश कुमार की अहम भूमिका थी। इस पर रोहिणी आचार्य ने पलटवार करते हुए पूछा, 'क्या लालू जी को जनता ने अपना वोट नहीं दिया था? क्या सारा वोट नीतीश कुमार जी ने ही दे दिया था? लालू जी के साथ सदैव अपार जनसमर्थन रहा और यह जगजाहिर है कि लालू जी जैसा मजबूत जनाधार वाला जननेता न हुआ है और न होगा।

याददाश्त पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि उन्हें बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद प्राप्त है। रोहिणी ने इस पर तंज कसते हुए लिखा, 'मुख्यमंत्री को सदन में यह दावा करते हुए देखा गया कि उन्हें बिहार के 14 करोड़ लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है। मुख्यमंत्री ने किस यंत्र या थर्मामीटर की मदद से यह माप लिया? क्या कुल आबादी के सभी 14 करोड़ लोगों ने अपने वोट डाले थे? क्या बिहार में 14 करोड़ पंजीकृत मतदाता भी हैं? क्या NDA ने सम्राट चौधरी के नाम और चेहरे पर चुनाव लड़ा था? जरूर मुख्यमंत्री जी की यादाश्त के साथ कोई केमिकल लोचा है।'

मुरेठा पर कसा तंज

रोहिणी ने मुख्यमंत्री को उनकी उस प्रतिज्ञा की याद दिलाई जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को हटाने के लिए मुरेठा (पगड़ी) बांधा था। रोहिणी ने लिखा, 'मुख्यमंत्री अपने संबोधन में ये दंभ भरते तो दिखे कि उन्होंने नीतीश कुमार जी को मुख्यमंत्री बनाने में महती भूमिका निभायी। मगर वो ये बताना भूल गए कि उन्होंने ही नीतीश कुमार जी को हटाने के लिए मुरेठा बांध कर प्रतिज्ञा ली थी, मगर बिना प्रतिज्ञा पूरी हुए मुरेठा खोल भी लिया था।'

बपौती वाले बयान पर दिया जवाब

रोहिणी ने लिखा, 'मुख्यमंत्री कहते दिखे कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती। ऐसा कह मुख्यमंत्री कोई नयी बात नहीं कर रहे, ये जगजाहिर है जनता जिसे चुन कर भेजती है वही सत्ता में काबिज होता है। मगर वर्त्तमान मुख्यमंत्री को तो जनता ने चुना ही नहीं, मुख्यमंत्री ये भूल गए कि वो मुख्यमंत्री का चेहरा तो थे नहीं, चेहरा तो कोई और था जिसे साजिश के साथ हटा दिया गया और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैकडोर से आ कर कब्जा जमा लिया वर्तमान मुख्यमंत्री ने।'

रोहिणी आचार्य ने लिखा, 'मुख्यमंत्री ने कहा कि वो किसी की पाठशाला से नहीं हैं। बिल्कुल ठीक कहा, मुख्यमंत्री ने घाट-घाट घूम-घूम कर अवसरवादिता की राजनीति की पढ़ाई की है। वो कभी किसी एक पाठशाला में टिके ही नहीं, अभी जिस पाठशाला में हैं वहाँ कितने दिन टिकेंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।'

हलफनामे और डिग्री पर भी घेरा

मुख्यमंत्री द्वारा सदन में अपनी उम्र और डिग्री का जिक्र करने पर भी रोहिणी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने हलफनामे में मौजूद विरोधाभासों और विसंगतियों पर कोई तार्किक जवाब देने के बजाय प्रपंच का सहारा ले रहे हैं। रोहिणी ने कहा कि राजनीतिक जीवन में कुछ भी पर्सनल नहीं होता, सब कुछ पब्लिक स्कैनर पर होता है।

लालू को गाली देकर बने नेता

रोहिणी ने सम्राट चौधरी के एक पुराने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर चुके हैं कि वह लालू यादव को गाली दे-देकर ही यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने तंज कसा कि वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो खुद को गालीबाज साबित करने में लगे हैं।