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Bihar Politics:’कुर्सी के मोह में खुद अपनी कब्र खोद ली…’ नीतीश के राज्य सभा जाने पर रोहिणी का तंज

नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री बीजेपी के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं। उनके सोचने समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है।

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रोहिणी आचार्य (rohini acharya FB)

Bihar Politicsनीतीश कुमार का राज्य सभा जाना अब पक्का हो गया है। नीतीश कुमार ने इन अटकलों पर खुद ही विराम लगाते हुए आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया। नीतीश कुमार के राज्य सभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर फाइल करने पर रोहिणी आचार्य ने उनपर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि "अपनों" के साथ बार-बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी ...खुद के गर्त में धकेले जाने और आप अपनी इस बदहाली के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं। आपके साथ जो कुछ हो रहा उसके लिए आप खुद जिम्मेदार हैं।

कुर्सी से चिपके रहने की मज़बूरी

सोशल मीडिया एक्स पर लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा है कि आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष नीतीश कुमार जी को जैसा निर्णय लेने के लिए भाजपा के द्वारा मजबूर किया गया , ये तो 28 जनवरी, 2024 को ही तय हो गया था। जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन / इंडिया अलायन्स का साथ छोड़ा था । कुर्सी से चिपके रहने की अपनी स्वभावतः मज़बूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार जी उस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं , जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने और उनको दफनाने के लिए ही जानी जाती है। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी का जो हश्र भाजपा ने किया, नीतीश कुमार जी उससे भी नहीं चेते और अपने पुराने समाजवादी साथियों के बार - बार आग्रह करने के बावजूद खुद ही कब्र सरीखी भाजपा की गोद में जा बैठे।

सोचने - समझने की शक्ति क्षीण हो चुकी

अपने ही विनाश के लिए भाजपा के द्वारा जारी तुगलकी फरमान पर अपनी रजामंदी देने वाले नीतीश कुमार जी के बारे में अब दो बातें तो जाहिर एवं साबित होती हैं । " नीतीश कुमार जी की सोचने - समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है और नीतीश कुमार जी की कोई बहुत कमजोर नस भाजपा ने जरूर दबा रखी है"