
बिहार डिप्टी CM सम्राट चौधरी (IANS)
गौतम-शिल्पी मर्डर केस में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की संलिप्ता का जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया है। प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी का नाम लेकर कहा कि बेहतर होगा कि वे खुद इस मामले में अपनी संलिप्ता को लेकर जवाब दे दें। वे अगर ऐसा नहीं करते हैं तो हम लोग अपने अगले प्रेस कॉफ्रेंस में इस मामले में जुड़े साक्ष्य को जारी कर पूरी कहानी बता देंगे।
जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई ने बिहार के सबसे चर्चित शिल्पी हत्याकांड में साधु यादव के सम्राट चौधरी को भी अभियुक्त बनाया था। सीबीआई की टीम ने सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार से लंबी पूछताछ भी की थी। उनका सैंपल भी लिया गया था। लेकिन, तत्कालीन लालू- राबड़ी सरकार ने साधु यादव को बचाने के लिए पूरे मामले को रफा दफा कर दिया था।
पीके ने नीतीश कुमार से मांग किया कि वे सम्राट चौधरी को मंत्री पद से हटाकर उनकी गिरफ्तारी का निर्देश दें। अगर ऐसा नहीं होता हैं तो जन सुराज के लोग राज्यपाल से मिलकर सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी और मंत्री पद से बर्खास्त की मांग करेगा। इसके बाद भी सम्राट चौधरी को उनके मंत्री पद से नहीं हटाया जाता है तो हम लोग सड़क पर उतरने को विवश होंगे। जन सुराज इसके लिए सम्राट चौधरी के घर का घेराव करेगा।
शिल्पी जैन की खूबसूरती और उसके टैलेंट ने उसे शहर का शान बना दिया था। 23 साल की उम्र में ही वह ‘मिस पटना’ का खिताब जीतकर हर दिल की धड़कन बन चुकी थी। उसके पिता, उज्जवल कुमार जैन, शहर के मशहूर कपड़ा व्यापारी थे। शिल्पी अपने करियर की तैयारी में लगी थी। इसी दौरान उसकी गौतम सिंह से दोस्ती हुई थी। ये दोस्ती फिर प्यार में बदल गया था। गौतम एक एनआरआई परिवार का बेटा था। गौतम के पिता ब्रिटेन में डॉक्टर थे। गौतम राजनीति में रुचि रखता था इसलिए वह बिहार में ही रहता था। गौतम के परिवार के बाकी लोग ब्रिटेन में ही रहते थे।
राजनीति से रूचि रखने की वजह से वह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की युवा शाखा से जुड़ा था। सत्ताधारी नेताओं से भी उसकी दोस्ती थी। पुलिस में दर्ज रिकार्ड के अनुसार 3 जुलाई 1999 की सुबह शिल्पी रोज की तरह रिक्शे से अपने कंप्यूटर कोचिंग इंस्टीट्यूट जा रही थी। रास्ते में गौतम के एक दोस्त ने शिल्पी को रिक्शे से उतारकर अपनी काम में बैठा लिया। कार को शिल्पी के इंस्टीट्यूट की जगह वह ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ लेकर चला गया। शिल्पी ने जब पूछा कहां ले जा रहे हो तो उसने शिल्पी को बताया कि गौतम के पास ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ लेकर जा रहे हैं। गौतम ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ में ही तुम्हारा इंतजार कर रहा है। लेकिन ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ में गौतम की जगह कुछ हैवान थे। जो उसपर टूट पड़े थे।
गौतम को जब पता चला कि कुछ लोग शिल्पी को ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ ले गए हैं। यह सुनते ही वो भी वहां पहुंच गया। शिल्पी गौतम को देखते ही उससे लिपट गई। लेकिन ‘वाल्मी गेस्ट हाउस’ में उपस्थित लोगों ने पहले तो उसके साथ मारपीट किया और फिर उसकी हत्या कर दी। शिल्पी के साथ भी सभी ने बारी बारी से रेप किया और फिर उसकी भी हत्या कर दी थी। इस मामले में साधु यादव का नाम सामने आया था। लेकिन लालू प्रसाद ने अपने प्रभाव से पूरे मामले को रफा दफा करवा दिया था।
Updated on:
29 Sep 2025, 3:31 PM IST
Published on:
29 Sep 2025, 2:05 PM IST
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