
सम्राट चौधरी (फोटो- X@ @samrat4bjp)
Bihar News: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत और रेप के मामले में बिहार सरकार पूरी तरह हरकत में है। मामले को लेकर बढ़ते जनाक्रोश और लगातार हो रहे खुलासों के बीच उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा है कि इस केस में पुलिस को पूरी आजादी दी गई है और सरकार की नजर एक-एक पहलू पर है। उन्होंने दो टूक कहा कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि NEET छात्रा के साथ जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। सरकार इसे हल्के में लेने के मूड में बिल्कुल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी तरह का दबाव नहीं डाला जा रहा है और पुलिस को पूरी तरह स्वतंत्र रखा गया है, ताकि वह निष्पक्ष होकर सच्चाई तक पहुंच सके। गृह मंत्री ने कहा, “सरकार का ध्यान हर उस बात पर है, जो इस मामले से जुड़ी है। पुलिस को निर्देश है कि वह बिना किसी डर और दबाव के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करे।”
गृह मंत्री ने यह भी साफ किया कि वे कभी भी पुलिस के काम में हस्तक्षेप नहीं करते। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों पर कार्रवाई करना पुलिस का काम है और इस मामले में पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जो लोग बच्चियों के साथ इस तरह के घिनौने अपराध करते हैं, वे कायर होते हैं और ऐसे लोगों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
NEET छात्रा केस में SIT के गठन के बाद अब CID की एंट्री भी हो चुकी है। एफएसएल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद जांच और तेज कर दी गई है। गृह मंत्री ने SIT और CID से अब तक की जांच प्रगति की जानकारी ली है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी कड़ी छूटनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सम्राट चौधरी ने अपने बयान में सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को समाज में सम्मान नहीं, बल्कि कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “दोषियों को माला पहनाने का नहीं, उन पर माला चढ़ाने का काम होगा।” उनका इशारा साफ था कि सरकार इस मामले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी।
NEET छात्रा केस ने राज्यभर में गुस्सा और चिंता पैदा कर दी है। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में गृह मंत्री का यह बयान सरकार की ओर से भरोसा दिलाने की कोशिश माना जा रहा है कि न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
Updated on:
26 Jan 2026 02:21 pm
Published on:
26 Jan 2026 02:21 pm
