
प्रभात मेमोरियल अस्पताल
पटना हॉस्टल कांड: पटना में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। रविवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने दो अस्पतालों का दौरा किया और करीब दो घंटे तक अहम दस्तावेज, रिकॉर्ड और बयान इकट्ठा किए। इस बीच, ASP और अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर समेत मामले से जुड़े कई लोग सवालों से बचते दिखे।
SIT की टीम सुबह पटना के प्रभात मेमोरियल हीरामाती अस्पताल पहुंची। टीम में ASP सदर अभिनव, सचिवालय के SDPO और मेडिकल टीम के सदस्य शामिल थे। तलाशी और पूछताछ करीब दो घंटे तक चली। कई मेडिकल पेपर, हिस्ट्री शीट और इलाज के रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, SIT इस बात की जांच कर रही है कि छात्रा को अस्पताल में भर्ती होने के बाद क्या इलाज मिला और किस आधार पर उसे रेफर किया गया। वे यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या अस्पताल ने समय पर पुलिस या परिवार वालों को जानकारी दी थी।
इससे पहले, SIT की टीम सहज सर्जरी नर्सिंग होम गई थी, जहां छात्रा का शुरुआती इलाज हुआ था। यह अस्पताल जाने-माने डॉक्टर और IMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह का है। काउंटर पर और डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ की गई। यह वही अस्पताल है जहां से छात्रा को बाद में रेफर किया गया था।
जब मीडिया ने अस्पताल के बाहर ASP अभिनव से सवाल किया, तो उन्होंने कहा, "हर पहलू पर जांच चल रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस समय कुछ भी शेयर नहीं किया जा सकता।" इसके बाद उन्होंने माइक से दूरी बना ली और कहा कि SIT को बिना किसी दबाव के अपनी जांच करने दी जानी चाहिए। उन्होंने मीडिया के लगातार सवालों का कोई साफ जवाब नहीं दिया और चले गए।
छात्रा की मौत के बाद, हीरामाती प्रभात मेमोरियल अस्पताल के CMD डॉ. सतीश कुमार सिंह ने रविवार को दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की थी। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद अस्पताल ने एक बयान जारी कर कहा कि चल रही SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) जांच के कारण इस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस संभव नहीं है। अस्पताल ने कहा कि SIT मामले की जांच कर रही है और इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करना संभव नहीं है। जांच से संबंधित जानकारी SIT द्वारा दी जाएगी।
इस बीच, रविवार को छात्रों ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। लड़कियां रविवार की छुट्टी के बाद अपना सामान लेने आई थीं, लेकिन उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। छात्राओं ने कहा, "हमें अपना सामान लेने के लिए पुलिस स्टेशन जाने के लिए कहा जा रहा है। हमारी परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू हो रही हैं और हमारी किताबें यहीं हैं। हम पुलिस स्टेशन क्यों जाएं? हम अब इस हॉस्टल में नहीं रहेंगे।" हॉस्टल बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि छात्रा ने डेढ़ से दो घंटे तक संघर्ष किया। रिपोर्ट में उसके प्राइवेट पार्ट्स और शरीर पर चोट के निशान मिले। इसके बाद, पुलिस ने पहली बार रेप की संभावना की पुष्टि की। परिवार पहले दिन से ही रेप का आरोप लगा रहा था, जबकि पुलिस शुरू में इसे आत्महत्या बता रही थी।
जांच का अगला चरण अब डिजिटल सबूतों पर केंद्रित है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उन नंबरों की एक लिस्ट तैयार कर रही है जिनसे छात्रा ने घटना के दिन और उससे पहले संपर्क किया था। कुछ नंबरों की पहचान की गई है जिनसे उसका सबसे ज़्यादा संपर्क था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा के आधार पर, SIT इन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
Updated on:
18 Jan 2026 03:49 pm
Published on:
18 Jan 2026 03:48 pm
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