
जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (फोटो - X@TejYadav14)
Bihar News: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जन शक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 17 साल की स्नेहा सिंह कुशवाहा की हत्या के मामले में केंद्र और दो राज्य सरकारों को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। तेज प्रताप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग-अलग पत्र भेजकर कहा कि इस घटना में सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश और प्रशासनिक कोताही दिखाई देती है, इसलिए इस मामले को सिर्फ स्थानीय अधिकारियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
यह मामला वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र का है, जहां बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली स्नेहा सिंह कुशवाहा की 1 फरवरी 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। परिवार का आरोप है कि हत्या से पहले उसके साथ रेप किया गया था और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई। तेज प्रताप ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने लापरवाही बरती और आरोपियों को बचाने की कोशिश की, इसलिए CBI जांच जरूरी है।
मृत लड़की के माता-पिता मंगलवार को पटना में तेज प्रताप यादव के आवास पर पहुंचे और अपनी पूरी आपबीती सुनाई। तेज प्रताप ने इस मुलाकात का जिक्र X पर करते हुए लिखा कि परिवार की बात सुनने के बाद उन्हें लगा कि यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
परिवार का आरोप है कि FIR दर्ज करने से लेकर जांच तक, स्थानीय पुलिस ने गंभीर लापरवाही बरती। उन्हें अपनी बेटी का शव आखिरी बार देखने भी नहीं दिया गया और पोस्टमार्टम एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से करवाया गया, जो अपने आप में गंभीर संदेह पैदा करता है। परिवार का कहना है कि जिस तरह से पूरी घटना हुई, उससे लगता है कि प्रशासन के एक हिस्से ने मामले को दबाने, छिपाने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की। परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें कई जगहों पर पुलिस अधिकारियों से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा और न्याय की लड़ाई में लगातार अपमानित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे अपने डिटेल लेटर में तेज प्रताप ने कहा कि यह मामला राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस की संवेदनशीलता और न्यायिक प्रक्रिया में जनता के भरोसे से जुड़ा है।
तेज प्रताप ने लेटर में लिखा, “यह सिर्फ एक मर्डर नहीं है, एक नाबालिग लड़की के साथ ऐसी चीजें की गईं जिन्हें एक सभ्य समाज शब्दों में बयान करने से भी हिचकिचाता है। और इसके बाद की प्रक्रिया ने इस घटना को और भी भयानक और अस्वीकार्य बना दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसे मामलों में समय पर न्याय नहीं मिलता है, तो समाज में न्याय व्यवस्था पर अविश्वास और गहरा होगा और पीड़ित परिवारों के पास चुप रहने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।
इसके अलावा, तेज प्रताप ने यूपी पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए लिखा कि FIR दर्ज करने से लेकर जांच तक, स्थानीय पुलिस ने घोर लापरवाही बरती है और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पोस्टमार्टम जांच को लेकर भी एक बड़ा सवाल उठाया, पूछा कि इतने संवेदनशील मामले को एक आंखों के डॉक्टर को कैसे सौंप दिया गया?
दिलचस्प बात यह है कि तेज प्रताप ने अपने लेटर में योगी सरकार को यह भी याद दिलाया कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोहतास में मंच से कहा था कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि इस लड़की के हत्यारों को "नरक का टिकट" और लड़की को न्याय मिले। तेज प्रताप का कहना है कि उस बयान के बाद भी, परिवार अभी भी न्याय से बहुत दूर है और अपराधी बेखौफ हैं।
तेज प्रताप ने मांग की है कि मामले की जांच CBI करे या कम से कम CBI की देखरेख में हो, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले। उन्होंने मृत लड़की के परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग की, क्योंकि परिवार ने आशंका जताई है कि उन पर दबाव और धमकियां आ रही हैं। तेज प्रताप ने कहा कि यह सिर्फ रोहतास या वाराणसी का मामला नहीं है, बल्कि यह उन सभी परिवारों के लिए एक सवाल है जिनकी बेटियां न्याय व्यवस्था की दया पर छोड़ दी जाती हैं।
Published on:
21 Jan 2026 02:47 pm

