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नीतीश के इस्तीफे के बाद ‘गुजरात से चलेगी बिहार सरकार’, जनता नहीं, दो लोग करेंगे फैसला: तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने सोमवार को नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिहार की जनता का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब बिहार सरकार का संचालन गुजरात से किया जाएगा।

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बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बिहार सरकार का संचालन गुजरात से किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर लिया जाने वाला फैसला जनता के जनादेश को प्रतिबिंबित नहीं करेगा। तेजस्वी यादव ने दावा किया, “यह निर्णय केवल दो लोग मिलकर लेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि नई सरकार तो बनेगी, लेकिन उसका संचालन गुजरात से होगा। उनके मुताबिक, जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, वह वास्तव में जनता का चुना हुआ नहीं होगा, क्योंकि एनडीए ने जिस चेहरे के नाम पर वोट मांगे थे, उसे अब हटाया जा रहा है।

20 साल में भी सबसे गरीब राज्य बना बिहार

उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो दशकों में एनडीए शासन के रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए बिहार के कई प्रमुख क्षेत्रों में पिछड़ने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, “20 साल के शासन के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे गरीब राज्य बना हुआ है। प्रति व्यक्ति आय और निवेश के मामले में यह सबसे निचले पायदान पर है, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी राज्य लगातार पीछे है। यहाँ उद्योग और फैक्ट्रियों का भी अभाव है।”

निवर्तमान प्रशासन पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “नीतीश जी जाते-जाते राज्य का खजाना खाली कर रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि सरकार के पास विधायकों को वेतन देने तक के लिए पर्याप्त धन नहीं बचा है।” उन्होंने विकास कार्यों के भुगतान में देरी का भी मुद्दा उठाया और दावा किया कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध की घटनाएँ बढ़ी हैं।

NDA ‘कुर्सी के खेल’ में व्यस्त

“एनडीए जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर ‘कुर्सी के खेल’ में व्यस्त है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन और प्रशासन से अधिक राजनीतिक दांव-पेच को प्राथमिकता दी जा रही है। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) अब भारतीय जनता पार्टी का विस्तार बनकर रह गया है। उनके मुताबिक, “जेडीयू अब स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है, बल्कि उसके फैसलों पर पार्टी के भीतर मौजूद बीजेपी से जुड़े लोग प्रभाव डाल रहे हैं।”

छात्र RJD का पुनर्गठन

इससे पहले तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के छात्र संगठन के पुनर्गठन और नाम परिवर्तन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ‘छात्र RJD’ के नाम से संचालित संगठन को भंग कर दिया गया है और पुनर्गठन के बाद इसका नया नाम ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप लिया गया है। उनके अनुसार, “जो संगठन पहले ‘छात्र RJD’ के रूप में कार्य कर रहा था, उसे अब भंग कर दिया गया है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले व लिंगदोह समिति के दिशानिर्देशों के तहत इसका नाम बदलकर ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ कर दिया गया है।”

यादव ने आगे बताया कि पुनर्गठित संगठन RJD के छात्र विंग के रूप में कार्य करेगा और देशभर के छात्रों के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, इसका उद्देश्य शिक्षा, समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, साथ ही देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन और जागरूकता अभियान चलाना भी इसका लक्ष्य होगा।