
एक दूसरे से गले मिलते डॉक्टर और डिप्टी कलेक्टर (फोटो- सोशल मीडिया एक्स)
Bihar News: बिहार के अररिया के फारबिसगंज में पिछले कुछ दिनों से डॉक्टरों और प्रशासन के बीच जो तनाव चल रहा था, वह आखिरकार खत्म हो गया। SDO ऑफिस के एक बंद कमरे में जब डॉ. दीपक कुमार और डिप्टी कलेक्टर राम बाबू कुमार आमने-सामने हुए, तो माहौल कड़वाहट से भर गया था। लेकिन करीब एक घंटे की बातचीत के बाद जब दरवाजा खुला, तो नजारा बदल चुका था। दोनों ने न सिर्फ एक-दूसरे को गले लगाया, बल्कि एक लिखित समझौते पर साइन भी किए, जिससे यह झगड़ा हमेशा के लिए सुलझ गया। इस सुलह के साथ ही अस्पतालों और क्लीनिकों में चल रही हड़ताल खत्म हो गई और शहर में मेडिकल सेवाएं सामान्य हो गईं।
यह झगड़ा 12 फरवरी को शुरू हुआ, जब जिलाधिकारी के निर्देश पर एक जांच टीम फारबिसगंज के बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंची। बहस के दौरान डिप्टी कलेक्टर राम बाबू कुमार ने कथित तौर पर डॉ. दीपक कुमार को थप्पड़ मार दिया। इस घटना का CCTV फुटेज सामने आया। वहीं, जिला प्रशासन ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने एप्रन नहीं पहना था और उसके स्टाफ ने अधिकारियों के साथ मारपीट की, उन्हें बंधक बना लिया। विरोध में, जिले के सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, पैथोलॉजी लैब और एक्स-रे सेंटर बंद कर दिए गए।
SDO अभय कुमार के चैंबर में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। IMA के अधिकारी, सीनियर डॉक्टर और जिला एडमिनिस्ट्रेशन के टॉप अधिकारी मौजूद थे। पीड़ित डॉक्टर और सीनियर डिप्टी कलेक्टर भी इसमें शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, शुरू में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन बीच-बचाव कर रहे अधिकारियों ने समझाया कि इस झगड़े से सिर्फ जनता और मरीजों को नुकसान हो रहा है।
मीटिंग के दौरान, दोनों पक्षों ने माना कि यह घटना भावुकता और आपसी गलतफहमी का नतीजा है। डॉक्टर और डिप्टी कलेक्टर दोनों ने अपनी-अपनी गलतियां मानीं और आपसी सहमति से आगे बढ़ने का फैसला किया।
समझौते के तहत, एक 'करारनामा' तैयार किया गया, जिस पर दोनों पार्टियों ने साइन किए। इसमें कहा गया कि दोनों पार्टियां पुलिस स्टेशन या कोर्ट में की गई अपनी शिकायतें वापस ले लेंगी। इस घटना के बारे में कोई भी पार्टी भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। एडमिनिस्ट्रेटिव जांच और मेडिकल सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल पक्का किया जाएगा।
मीटिंग खत्म होते-होते माहौल बदल गया। जो लोग थोड़ी देर पहले तक एक-दूसरे से उलझे हुए थे, वे एक-दूसरे से गले मिले। वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और तस्वीरें लीं। इस पल ने तीन दिनों से चल रहे तनाव को खत्म कर दिया। सब-डिविजनल ऑफिसर ने भी कन्फर्म किया कि मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो स्थिति पैदा हुई थी, वह नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन अब दोनों पार्टियां आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
समझौते की खबर आते ही फारबिसगंज के अस्पताल नॉर्मल हो गए। यह खबर उन मरीजों के लिए वरदान बनकर आई जो तीन दिनों से इलाज ढूंढ रहे थे। IMA सेक्रेटरी डॉ. मोहम्मद अतहर ने ऑफिशियली हड़ताल खत्म होने का ऐलान किया, जिसके बाद सभी प्राइवेट नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटर फिर से खुल गए।
Updated on:
16 Feb 2026 10:42 am
Published on:
16 Feb 2026 10:42 am
