
Vigilance Raid: बिहार के योजना एवं विकास विभाग में पदस्थापित एक कनीय अभियंता की कथित काली कमाई उस वक्त सामने आ गई, जब उसकी ही बहन ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत कर दी। शिकायत के आधार पर निगरानी ने दरभंगा और मधुबनी में एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा किया है। इस मामले में कनीय अभियंता मो. अंसारूल हक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी शशि शेखर चौधरी ने बताया कि योजना एवं विकास विभाग के स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-1 में पदस्थापित कनीय अभियंता मो. अंसारूल हक के खिलाफ उनकी बहन ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंसारूल हक ने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो उसके सरकारी वेतन से मेल नहीं खाती। शिकायत की प्राथमिक जांच में आय और संपत्ति के बीच भारी अंतर पाए जाने के बाद निगरानी ने थाना कांड संख्या 113/25 दर्ज किया और सघन छापेमारी का निर्णय लिया।
मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद निगरानी की चार अलग-अलग टीमों ने बुधवार को एक साथ छापेमारी शुरू की। दरभंगा जिले के लालबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत जमालपुरा नया टोला मस्जिद के पास स्थित अभियंता के दो आवास, एक कार्यालय तथा मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र के हरिराहा पंचायत अंतर्गत लदनियां स्थित पैतृक घर की तलाशी ली गई।
छापेमारी के दौरान निगरानी टीम को 20 बैंक अककाउंट, जमीन-जायदाद से जुड़े कई दस्तावेज, इंश्योरेंस में निवेश के कागजात मिले हैं। इसके अलावा एक लाइसेंसी 9 एमएम पिस्टल, एक कार, एक मिनी ट्रक और एक ग्लैमर बाइक भी जब्त की गई है। निगरानी अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों के आधार पर अब संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मो. अंसारूल हक ने कुल 1 करोड़ 46 लाख 95 हजार 530 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 458.72 प्रतिशत, यानी साढ़े पांच गुना अधिक बताई जा रही है। इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
शिकायत में यह भी बताया गया था कि अंसारूल हक ने दरभंगा में दो स्थानों पर तीन-मंजिला मकान बनवाए हैं, जबकि गांव में भी कई प्लॉट खरीदे गए हैं और पक्का मकान खड़ा किया गया है। निगरानी टीम इन सभी संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है।
निगरानी अधिकारियों ने बताया कि कनीय अभियंता अंसारूल हक पिछले दो दिनों से छुट्टी पर हैं और किसी कार्य से दिल्ली गए हुए हैं। इस दौरान सहायक अभियंता मंजूर अहमद और कार्यपालक अभियंता से भी पूछताछ की गई, हालांकि उनसे कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। गौरतलब है कि अंसारूल हक ने योजना एवं विकास विभाग में महज चार महीने पहले ही योगदान दिया था। इससे पहले वे मनरेगा में कार्यरत थे।
Updated on:
18 Dec 2025 08:37 am
Published on:
18 Dec 2025 08:37 am
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