
बिहार के सीएम नीतीश कुमार (फोटो- वीडियो ग्रैब)
बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद शराबबंदी कानून को लेकर सियासी घमासान चरम पर है। विपक्ष लगातार इस कानून की नाकामी पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य में किसी नए मुख्यमंत्री के पदभार संभालने के बाद शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी या इसमें कोई संशोधन किया जाएगा? इन सवालों का जवाब देते हुए नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दो स्पष्ट किया है कि बिहार में शराबबंदी महज एक कानून नहीं, बल्कि एक मिशन है।
एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में मंत्री श्रवण कुमार ने साफ किया कि नीतीश कुमार सत्ता में रहें या न रहें, उनके द्वारा लागू की गई जन-हितैषी नीतियां कभी वापस नहीं ली जाएंगी। उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार जी द्वारा शुरू की गई एक भी पहल को खत्म नहीं किया जाएगा। शराबबंदी कानून भी लागू रहेगा। नीतीश कुमार के मॉडल और उनकी सोच ने बिहार में जो शांति और सुकून कायम किया है, उसे कोई मिटा नहीं सकता।'
श्रवण कुमार के अनुसार 'नीतीश मॉडल' ने बिहार में विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को मजबूत किया है, इसलिए मुख्यमंत्री के पद पर बदलाव होने से इस नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की नीति सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुधार और गांधीवादी विचारधारा पर आधारित एक कदम है और इस धरती पर गांधी जी से बड़ा कोई व्यक्तित्व नहीं है। नतीजतन, सरकार बदलने पर भी शराबबंदी कानून लागू रहेगा।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि बिहार में शराबबंदी केवल कागजों पर है और शराब की होम डिलीवरी बिना किसी रोक-टोक के सीधे घरों तक की जा रही है। इस पर जवाब देते हुए श्रवण कुमार ने कहा, 'अगर तेजस्वी जी को पता है कि कौन होम डिलीवरी कर रहा है और कौन शराब पी रहा है, तो उन्हें पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। अगर वे ऐसी जानकारी देते हैं, तो उनका नाम बिहार की CID से भी ज्यादा मशहूर हो जाएगा। विपक्ष की भूमिका केवल सवाल उठाना नहीं है, बल्कि सहयोग करना भी है।'
मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने तर्क देते हुए कहा कि हत्या और चोरी के खिलाफ भी तो कानून मौजूद हैं, फिर भी ऐसे अपराध होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कानून तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। उन्होंने बताया कि कई मामलों में, दोषी लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से लेते हुए, सरकार लगातार निगरानी रख रही है और लगातार कार्रवाई कर रही है।
मंत्री ने आगे यह भी कहा कि केवल कानून बनाना ही काफी नहीं है। समाज में जागरूकता फैलाना भी उतना ही जरूरी है। सरकार अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन समाज की भागीदारी भी उतनी ही अहम है।
Updated on:
05 Apr 2026 12:46 pm
Published on:
05 Apr 2026 12:46 pm
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