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अयोध्या-काशी से पंडित, कंबोडिया से फूल… बिहार में कल स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग

World Biggest Shivling: बिहार में पश्चिमी चंपारण में बन रहे विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इसके लिए अलग- अलग राज्यों से विद्वानों को बुलाया गया है। कंबोडिया और कोलाकाता से फूल मंगाए गए हैं। 
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 16 Jan 2026, 3:19 PM IST

virat ramayan mandir | world biggest shivling

दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग (फोटो- saayan kunal facebook)

World Biggest Shivling: दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 17 जनवरी को बिहार के पश्चिम चंपारण के चकिया में विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट कमेटी कई दिनों से इस स्थापना के लिए भव्य तैयारियां कर रही है। इस कार्यक्रम के लिए भारत और विदेश से विशेष सामग्री, पवित्र जल, फूल और वैदिक विद्वानों को लाया गया है।

750 टन क्षमता वाली दो क्रेनों से स्थापना

210 मीट्रिक टन वाले इस विशाल शिवलिंग को स्थापित करने के लिए 750 टन क्षमता वाली दो हाई-कैपेसिटी क्रेन राजस्थान और भोपाल से लाई गई हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) स्थापना के दौरान सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की तकनीकी देखरेख करेगी।

18 फुट की माला से सजेगा शिवलिंग

समारोह की भव्यता पूजा सामग्री से साफ झलकती है। कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। गुलाब, गेंदा और गुलदाउदी सहित फूलों से भरा एक ट्रक पहले ही मंदिर परिसर में पहुंच चुका है। शिवलिंग के लिए फूल, भांग, धतूरा और बेल के पत्तों से बनी एक विशेष 18 फुट लंबी माला तैयार की जा रही है। पूजा सुबह 8 बजे से शुरू होगी, इसके बाद हवन होगा, और फिर सहस्रलिंगम की स्थापना की वैदिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अयोध्या, काशी और हरिद्वार से पंडित होंगे शामिल

देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के पंडित पूजा में शामिल होंगे। पटना के महावीर मंदिर के सात पंडितों के साथ, अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हरिद्वार, गुजरात और महाराष्ट्र के वैदिक विद्वान भी मौजूद रहेंगे। सहस्रलिंगम स्थापना के लिए यज्ञ (अग्नि अनुष्ठान) के लिए चारों वेदों के विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। भक्त पूरे अनुष्ठान को लाइव देख सकें, इसके लिए मंदिर परिसर में चार बड़ी LED स्क्रीन लगाई गई हैं।

आठ पवित्र स्थलों के जल से अभिषेक

शिव अभिषेक के लिए देश भर के आठ पवित्र स्थानों से जल लाया गया है। इसमें कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगा सागर, सोनपुर और रामेश्वरम का जल शामिल है। इसके साथ ही सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी और गंडक नदियों के जल से भी अभिषेक किया जाएगा। यह वैदिक परंपरा स्थापना को एक अनोखा धार्मिक आयाम देती है।

समारोह शुभ तिथि पर होगा

यह समारोह 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि पर होगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर शिवलिंग प्रकट हुआ था और इसी दिन भगवान शिव की लिंग रूप में पूजा शुरू हुई थी। इसलिए, इस दिन को शिवरात्रि जितना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुख्यमंत्री, मंत्री और राज्यपाल भी मौजूद रहेंगे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा शिवलिंग स्थापना समारोह में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और कई सांसदों और विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।

33 फुट ऊंचा शिवलिंग 10 साल में बना, ट्रक से पूर्वी चंपारण लाया गया

यह 33 फुट ऊंचा शिवलिंग काले ग्रेनाइट के एक ही ब्लॉक से बना है। इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टिकाडु गांव में लगभग दस साल में बनाया गया था। यह 21 नवंबर को 96 पहियों वाले ट्रेलर पर महाबलीपुरम से निकला और 5 जनवरी को पूर्वी चंपारण में मंदिर परिसर में पहुंचा। शिवलिंग के निर्माण में लगभग तीन करोड़ रुपये का खर्च आया।

विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा

विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा किया जा रहा है। यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे। मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा होगा और परिसर के अंदर चार आश्रम भी बनाए जाएंगे। यह परियोजना आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है और पूरा होने पर इसे दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर माना जाएगा। यह पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है।

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