13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘बंदिनी’ से ‘पीकू’ तक, जब-जब हिंदी सिनेमा में बदला महिला किरदारों का रूप, तब-तब सामने आई एक सशक्त महिला

Female Characters in Hindi Cinema: अधिकतर देखा गया है कि हिंदी फिल्मों में महिला किरदार सिर्फ मनोरंजन करने और नाचने-गाने के लिए होता है। लेकिन इसके इतर जैसे-जैसे समय बदला फिल्मी पर्दे पर महिलाओं के किरदारों का रूप भी बदला। अब वो सिर्फ एक मजबूर और दबी कुचली महिला नहीं, बल्कि एक सशक्त महिला के रूप में सामने आई।

6 min read
Google source verification

मुंबई

image

Rashi Sharma

Dec 26, 2025

Women Representation in Hindi Films

फोटो डिजाइन पत्रिका। (फोटो सोर्स: IMDb)

Female Characters in Hindi Cinema: कहते हैं कि सिनेमा हमेशा से समाज का आईना रहा है। और इस आईने में कभी समाज की अच्छी तो कभी बुरी छवि दिखाई गई है। वहीं, सिनेमा के जरिये महिला किरदार को कभी सशक्त तो कभी बेहद कमजोर दिखाया गया है। देखा जाए तो फिल्मों में महिला किरदारों का दौर बदलता रहा है। कभी महिला पर्दे पर सहनशीलता और त्याग की मिसाल बनी तो कभी उसने समाज के सामने सवाल उठाये, उसका विरोध किया और अपनी पहचान खुद बनाई। देखा जाए तो ज्यादातर फिल्मों में एक महिला किरदार सिर्फ मनोरंजन करने और नाचने-गाने के लिए होता है। लेकिन इसके इतर जैसे जैसे समय बदला फिल्मी पर्दे पर महिलाओं के किरदारों का रूप भी बदला। अब वो सिर्फ एक अबला नारी नहीं, बल्कि एक सशक्त महिला के रूप में सामने आई, जो अपने फैसले भी खुद लेती है और अपनी खुद की पहचान भी बनाती है। आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे दशक दर दशक हिंदी सिनेमा में महिलाओं के बदलते किरदारों की।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।