
रक्षा बंधन पर किन्नरों की कहानी | फोटो सोर्स- पत्रिका
Raksha Bandhan Special : "हमारे लिए रक्षाबंधन खुशी का त्योहार है या गम का, कई बार समझ नहीं पाती। एक ही खून के भाई-बहन हमें ना भाई मानते हैं और ना ही बहन। ऐसे में सोचिए, हमारे लिए राखी का ये त्योहार क्या महसूस कराता है…", ये बोलकर डॉ. मीरा परिदा थोड़ी देर के लिए चुप सी हो जाती हैं। वो कहती हैं कि आपके सवाल ने मेरा बचपन और बहुत कुछ याद दिला दिया। पर, अब हमारे लिए हजारों भाई-बहन हैं इसलिए कोई कमी नहीं खलती।
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