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1891 के स्कूल में आज भी गूंजती है शिक्षक की आवाज, बैसाखी के सहारे 32 बच्चों का गढ़ रहे भविष्य, जानें गुरुजी की प्रेरक कहानी

Teachers' Day 2026: एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद प्रधानाध्यापक पलनी शेट्टी बैसाखी के सहारे रोज स्कूल पहुंचकर 32 बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। 30 साल की सेवा के बाद उन्हें मुख्यमंत्री अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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बीजापुर

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Laxmi Vishwakarma

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मो. इरशाद खान

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Updated: 5 Sep 2026, 11:56 AM IST

Inspirational Teacher Story

बैसाखी के सहारे शिक्षक 32 बच्चों का गढ़ रहे भविष्य (Photo Source- Patrika)

Inspirational Teacher Story: मो. इरशाद खान/सुबह का वक्त है। स्कूल जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। रास्ता वही है, मंजिल वही है और जिम्मेदारी भी वही बच्चों को पढ़ाना। फर्क सिर्फ इतना है कि इस सफर में एक पैर उनका साथ नहीं देता। लेकिन जब इरादे मजबूत हों तो शरीर की कमजोरी भी रास्ता नहीं रोक पाती। बैसाखी के सहारे कदम बढ़ाते हुए प्रधानाध्यापक पलनी शेट्टी रोज स्कूल पहुंचते हैं और 32 बच्चों के भविष्य को संवारने में जुट जाते हैं।

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