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राजस्थान का कोटा शहर कैसे बना ‘मिनी इंडिया’ ? कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक…, हर साल आते हैं हजारों स्टूडेंट्स

कोटा में देशभर के कई राज्यों से आए विद्यार्थी अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का आदान-प्रदान कर एक दूसरे के साथ जुड़ते हैं। इस तरह कोटा सिर्फ पढ़ाई का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक मेलजोल का भी महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। सबसे खास बात यह है कि कोटा में सभी राज्यों के प्रमुख आयोजन भी होते हैं।
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कोटा

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Kamal Mishra

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Updated: 19 Nov 2025, 7:51 AM IST

Kota

शिक्षकों से चर्चा करती छात्राएं (फोटो: नीरज गौतम पत्रिका)

कोटा। देश में शिक्षा की काशी के नाम से विख्यात कोटा शहर कोचिंग स्टूडेंट्स की बदौलत ही 'मिनी इंडिया' बन गया है। शिक्षा नगरी में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक से हर साल हजारों विद्यार्थी इंजीनियर और डॉक्टर की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आते हैं। मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रतियोगी परीक्षा के लिए विद्यार्थियों की कोटा पहली पसंद है। विद्यार्थी ही इस शहर की धड़कन हैं। उन्हीं के कारण कोटा देश के शिक्षा मानचित्र पर एक चमकते सितारे की तरह स्थापित हुआ है।

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