
भारत में प्रतिवर्ष सड़क हादसों में करीब 2 लाख की मौत हो जाती है।
Sanjeevani Booti Mission: सड़क पर किसी मोटरसाइकिल से जा रहे किसी व्यक्ति को कार वाले ने हिट किया और रूक कर (Hit and Run Cases in India) उसे अस्पताल पहुंचाने की बजाय उसने अपनी गाड़ी और तेज भगाई और नौ, दो, ग्यारह हो गया। अब बाइक वाले की जान बचाने के लिए पहला घंटा जिसे गोल्डन आवर (Golden Hour Rule in Road Accident) कहते हैं, कोई मदद के लिए सामने नहीं आया। जाहिर सी बात है कि सड़क दुघर्टना में घायल व्यक्ति का खून रिसता रहा और उसकी जान चली गई। मेडिकल साइंस के मुताबिक दुघर्टना के पहले घंटे में अस्पताल में दाखिला करवाकर बहुत से लोगों की जान बचाई जा सकती है। हेलमेट मैन ऑफ इंडिया (Helmet Man Of India) राघवेंद्र कुमार के मुताबिक, सरकार और हॉस्पिटल्स की मदद से नई पहल 'संजीवनी बूटी मिशन' (Sanjeevani Booti Mission) से हर साल सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकेगी। आइए उन्हीं से समझते हैं।
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