नेहरू का भाषण (Photo source: Nehru Memorial Museum & Library, @IndiaHistorypic)
Tryst with Destiny: 14 अगस्त 1947 को दिल्ली के वायसराय लॉज में संविधान सभा गूंज रही थी। जैसी ही घड़ी ने मध्यरात्रि का समय (00:00, 15 अगस्त) दर्शाया, भारत के पहले प्रधानमंत्री ने भारत और दुनिया को संदेश दिया। उन्होंने, 'नियति से साक्षात्कार' भाषण में भारत की आजादी की घोषणा की। यह भारत की आजादी का वह क्षण था, जिसके लिए लाखों लोगों ने बलिदान दिए। इस मौके पर नेहरू ने केवल आजादी की बात नहीं की थी। उन्होंने नए भारत को लेकर एक सपना देखा था। जहां गरीबी, अज्ञानता और असमानता का अंत हो। जहां हर आंख के आंसू मिटाए जाए।
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