12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के इस जिले में जवानी निगल रहा नशा, सुनसान जगहों पर ‘खामोश मौत’ को गले लगा रही नई पीढ़ी

कृषि क्षेत्र में अग्रणी इस जिले में कभी पोस्त और अफीम का नशा था, जो सीमित था। अब हेरोइन, स्मैक, मेफेड्रोन, चिट्टा और मेडिकेटेड नशा गंभीर समस्या बन चुका है।

3 min read
Google source verification

श्रीगंगानगर। जिले में नशे की ओवरडोज से युवाओं की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। आए दिन हो रही मौतें उस अभियान की सार्थकता पर सवाल खड़े कर रही हैं, जो नशे के जाल में उलझे श्रीगंगानगर जिले को नशा मुक्त करने के लिए चलाया जा रहा है।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।