26 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

AI Mission: आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से भारत में इकोनॉमी को मिल रही नई रफ़्तार

AI Growth भारत में तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी मिशन, निजी निवेश और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से कृत्रिम बुद्धिमत्ता कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नए बदलाव ला रही है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Aug 26, 2026

Indian Digital Economy News.

AI इनवेस्ट, टेक्नीक और इनोवेशन से भारत में बदल रही है विकास और रोजगार की तस्वीर। ( फोटो: AI)

भारत में Artificial Intelligence (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विस्तार तेजी से हो रहा है। निजी निवेश, सरकारी नीतियों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास ने भारत को वैश्विक AI परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। हालांकि, AI को सीधे आर्थिक महाशक्ति बनाने वाली एकमात्र ताकत कहना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन यह तकनीक उत्पादकता बढ़ाने, नए रोजगार अवसर पैदा करने और कई क्षेत्रों में बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

AI स्टार्टअप्स में बढ़ता निवेश

भारत में AI आधारित स्टार्टअप्स को पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों का बढ़ता समर्थन मिला है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, फिनटेक और भाषा तकनीक जैसे क्षेत्रों में AI समाधान विकसित किए जा रहे हैं। निवेश में वृद्धि से भारतीय कंपनियों को नई तकनीक विकसित करने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिल रहा है।

सरकार का IndiaAI Mission

भारत सरकार ने मार्च 2024 में IndiaAI Mission को मंजूरी दी थी। इस मिशन के लिए लगभग ₹10,372 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य AI कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करना, गुणवत्तापूर्ण डेटा उपलब्ध कराना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और AI कौशल विकास को मजबूत करना है।

इस मिशन के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

AI सेवाओं के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर की जरूरत होती है। भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है। इससे AI आधारित सेवाओं के विस्तार को मदद मिल रही है।

रोजगार और कौशल पर असर

AI के बढ़ते इस्तेमाल से रोजगार के स्वरूप में बदलाव आने की संभावना है। जहां कुछ पारंपरिक कामों में ऑटोमेशन बढ़ सकता है, वहीं AI डेवलपमेंट, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI कौशल रखने वाले युवाओं की मांग बढ़ सकती है।

आम लोगों की जिंदगी में बदलाव

AI का प्रभाव केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। कृषि में मौसम और फसल संबंधी सलाह, स्वास्थ्य क्षेत्र में शुरुआती जांच, शिक्षा में स्थानीय भाषा आधारित सीखने के साधन और सरकारी सेवाओं में डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने में AI मदद कर सकता है।

भारत के सामने चुनौतियां

AI के विस्तार के साथ डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, नैतिक उपयोग और प्रशिक्षित लोगों की कमी जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं। भारत को AI विकास के साथ सुरक्षित और समावेशी तकनीकी व्यवस्था तैयार करने की जरूरत होगी।

AI भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ मजबूत नीतियों, कौशल विकास और जिम्मेदार इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।