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भूटान में ग्लेशियल झील फटी: असम के निचले इलाकों में दहशत, धुबरी में अलर्ट जारी

पड़ोसी देश भूटान में 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' की खबर के बाद, असम में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि असम में नदी के निचले इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।
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भारत

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Vinay Shakya

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Updated: 30 Oct 2026, 8:05 PM IST

glacial lake burst in bhutan

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)

भारत के पड़ोसी देश भूटान में 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' की खबर के बाद, असम में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि असम में नदी के निचले इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।

तटीय इलाकों में दहशत

नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच डर और चिंता फैल गई है। इससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि नदी के निचले इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। पड़ोसी देश भूटान में 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (जीएलओएफ) की खबर के बाद, असम के धुबरी जिले में नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच डर और चिंता फैल गई है।

इससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि नदी के निचले इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने अपनी गहरी चिंता जताई। स्थिति का जायजा लेने के लिए कई लोग नदी के किनारे इकट्ठा हो गए थे।

संवेदनशील इलाकों में पानी बढ़ने का खतरा

सुरेंद्रपुर और खोक्सागुरी जैसे नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को डर है कि रात के समय पानी का स्तर अचानक बढ़ने से उनके घर और खेत डूब सकते हैं, जिससे उन्हें संभलने का बहुत कम समय मिलेगा। यह चिंता गुरुवार शाम भूटान के गासा जिले में स्थित शिंताफू झील के फटने (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट - जीएलओएफ) की खबरों के बाद पैदा हुई है।

पानी के अचानक बहाव से पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी 'मो छू' नदी से होते हुए नीचे की ओर 'संकोश' नदी की तरफ बढ़ रहा है, जो असम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है।

CWC ने दी जानकारी

केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने गुरुवार को एक विशेष एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी कि असम के धुबरी जिले और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में जल स्तर अचानक बढ़ सकता है। उम्मीद जताई गई थी कि बाढ़ का पानी 6 से 8 घंटों के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच जाएगा। इस बीच असम सरकार ने खासकर धुबरी और कोकराझार जिलों के संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार धुबरी और कोकराझार के संवेदनशील इलाकों में भूटान की इस घटना के संभावित असर पर कड़ी नजर रख रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि धुबरी जिला प्रशासन मौके पर मौजूद है और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

राहत टीमें अलर्ट

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह 6:30 बजे तक संकोश नदी का जल स्तर स्थिर था। जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है, जबकि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।