
एटीएम का उपयोग कैसे करें? (फोटोः एआई)
आज के डिजिटल दौर में एटीएम ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है। चाहे आप छात्र हों, नौकरीपेशा हों या तकनीक में रुचि रखने वाले पाठक हों, यह खतरा आपसे भी जुड़ा है। आइए समझते हैं कि एटीएम फ्रॉड कैसे होता है, कौन-कौन से तरीके आम हैं और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
अपराधी अक्सर एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट पर स्किमिंग डिवाइस लगाते हैं, जिससे आपके कार्ड की जानकारी चोरी हो जाती है। साथ ही, नकली कीपैड या कैमरा आपके पिन को कैप्चर कर लेते हैं। कभी-कभी ये डिवाइस इतने छिपे होते हैं कि सामान्य नजर से पहचानना मुश्किल होता है।
कुछ फ्रॉड में कोई व्यक्ति आपके पीछे खड़ा होकर पिन देख लेता है, इसे शोल्डर सर्फिंग कहते हैं। वहीं, वॉइस फिशिंग में फ्रॉड बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और ओटीपी या पिन मांग लेते हैं।
स्किम की गई जानकारी से फ्रॉड कार्ड क्लोन कर लेते हैं और आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। लेबनानी लूप तकनीक में कार्ड एटीएम में फंस जाता है और फ्रॉड उसे निकालकर क्लोन कर लेते हैं।
हां। 2019 से RBI ने ईएमवी चिप और पिन आधारित कार्ड अनिवार्य कर दिए हैं, जिससे मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड की तुलना में सुरक्षा बेहतर हुई है। RBI ने “डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी कंट्रोल्स” नामक दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। इसमें एटीएम सुरक्षा के लिए BIOS पासवर्ड, यूएसबी बंद करना, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट, एंटी-स्किमिंग समाधान और व्हाइटलिस्टिंग शामिल हैं।
देश में साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 2022 में लगभग 10.29 लाख मामले थे, जो 2025 तक बढ़कर 28.15 लाख हो गए, हालांकि 2025 में नुकसान स्थिर हुआ, संभवतः बेहतर रोकथाम की वजह से।
बैंकिंग सेक्टर में कार्ड/इंटरनेट फ्रॉड की संख्या 2024–25 में लगभग 70,756 थी, जिनमें ₹252 करोड़ का नुकसान हुआ।
RBI ने 2026 में छोटे मूल्य वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शनों के लिए मुआवजा तंत्र पर परामर्श शुरू किया है।
बैंकों को अब एटीएम सुरक्षा, फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट, ग्राहक जागरूकता और शिकायत निवारण के लिए बोर्ड-स्वीकृत नीतियां बनाना अनिवार्य है।
| सुरक्षा उपाय | लाभ |
|---|---|
| एटीएम स्लॉट और कीपैड जांचना | स्किमिंग डिवाइस पहचानने में मदद करता है |
| पिन को ढककर दर्ज करना | शोल्डर सर्फिंग से सुरक्षा |
| ओटीपी/पिन साझा न करना | विषिंग और सोशल इंजीनियरिंग से बचाव |
| एसएमएस अलर्ट और स्टेटमेंट जांचना | संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई |
| रोशनी और सीसीटीवी वाले एटीएम का उपयोग | जोखिम कम होता है |
| फेल ट्रांजैक्शन पर शिकायत करना | रिफंड और मुआवजा सुनिश्चित होता है |
एटीएम फ्रॉड एक वास्तविक और बढ़ता हुआ खतरा है, लेकिन जागरूकता और सावधानी से आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। मशीन को ध्यान से जांचना, पिन सुरक्षित रखना, ओटीपी साझा न करना और तुरंत रिपोर्ट करना, ये छोटे-छोटे कदम आपके पैसे की रक्षा कर सकते हैं। बैंक और RBI भी सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं।
Updated on:
20 Aug 2026 05:37 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:37 pm
