20 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एटीएम से पैसे निकालते समय बरतें ये सावधानियां, एक गलती पड़ सकती है भारी

क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको एटीएम फ्रॉड के जाल में फंसा सकती है? जानिए कैसे एक पल की चूक आपके पैसे को खतरे में डाल सकती है और सुरक्षित रहने के आसान तरीके क्या हैं।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Adarsh Thakur

Aug 20, 2026

ATM Safety Tips

एटीएम का उपयोग कैसे करें? (फोटोः एआई)

आज के डिजिटल दौर में एटीएम ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है। चाहे आप छात्र हों, नौकरीपेशा हों या तकनीक में रुचि रखने वाले पाठक हों, यह खतरा आपसे भी जुड़ा है। आइए समझते हैं कि एटीएम फ्रॉड कैसे होता है, कौन-कौन से तरीके आम हैं और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।

स्किमिंग और फर्जी कीपैडः सबसे आम खतरे

अपराधी अक्सर एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट पर स्किमिंग डिवाइस लगाते हैं, जिससे आपके कार्ड की जानकारी चोरी हो जाती है। साथ ही, नकली कीपैड या कैमरा आपके पिन को कैप्चर कर लेते हैं। कभी-कभी ये डिवाइस इतने छिपे होते हैं कि सामान्य नजर से पहचानना मुश्किल होता है।

शोल्डर सर्फिंग और वॉइस फिशिंग

कुछ फ्रॉड में कोई व्यक्ति आपके पीछे खड़ा होकर पिन देख लेता है, इसे शोल्डर सर्फिंग कहते हैं। वहीं, वॉइस फिशिंग में फ्रॉड बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और ओटीपी या पिन मांग लेते हैं।

कार्ड क्लोनिंग और लेबनानी लूप

स्किम की गई जानकारी से फ्रॉड कार्ड क्लोन कर लेते हैं और आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। लेबनानी लूप तकनीक में कार्ड एटीएम में फंस जाता है और फ्रॉड उसे निकालकर क्लोन कर लेते हैं।

क्या आरबीआई ने सुरक्षा उपाय बढ़ाए हैं?

हां। 2019 से RBI ने ईएमवी चिप और पिन आधारित कार्ड अनिवार्य कर दिए हैं, जिससे मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड की तुलना में सुरक्षा बेहतर हुई है। RBI ने “डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी कंट्रोल्स” नामक दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। इसमें एटीएम सुरक्षा के लिए BIOS पासवर्ड, यूएसबी बंद करना, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट, एंटी-स्किमिंग समाधान और व्हाइटलिस्टिंग शामिल हैं।

फ्रॉड की बढ़ती संख्या और नुकसान

देश में साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 2022 में लगभग 10.29 लाख मामले थे, जो 2025 तक बढ़कर 28.15 लाख हो गए, हालांकि 2025 में नुकसान स्थिर हुआ, संभवतः बेहतर रोकथाम की वजह से।
बैंकिंग सेक्टर में कार्ड/इंटरनेट फ्रॉड की संख्या 2024–25 में लगभग 70,756 थी, जिनमें ₹252 करोड़ का नुकसान हुआ।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • एटीएम इस्तेमाल से पहले कार्ड स्लॉट और कीपैड को ध्यान से देखें; यदि कुछ असामान्य लगे, तो मशीन का उपयोग न करें।
  • पिन दर्ज करते समय हाथ या शरीर से कीपैड को ढकें, ताकि कोई देख न सके।
  • ओटीपी, पिन या सीवीवी किसी से साझा न करें, चाहे वह बैंक अधिकारी ही क्यों न हो।
  • एसएमएस अलर्ट और बैंक स्टेटमेंट नियमित रूप से देखें; किसी संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
  • एटीएम का उपयोग हमेशा रोशनी और सीसीटीवी वाले स्थान पर करें; भीड़-भाड़ वाले या अंधेरे स्थानों से बचें।
  • अगर एटीएम ट्रांजैक्शन फेल हो जाए लेकिन पैसा कट जाए, तो बैंक को तुरंत शिकायत करें; RBI के अनुसार बैंक को T+5 (पांचवें कारोबारी दिन तक) दिनों में रिफंड करना होता है और देरी पर ₹100 प्रति दिन का मुआवजा देना होता है।

बैंक की जिम्मेदारी

RBI ने 2026 में छोटे मूल्य वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शनों के लिए मुआवजा तंत्र पर परामर्श शुरू किया है।
बैंकों को अब एटीएम सुरक्षा, फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट, ग्राहक जागरूकता और शिकायत निवारण के लिए बोर्ड-स्वीकृत नीतियां बनाना अनिवार्य है।

सुरक्षा उपाय और लाभ

सुरक्षा उपायलाभ
एटीएम स्लॉट और कीपैड जांचनास्किमिंग डिवाइस पहचानने में मदद करता है
पिन को ढककर दर्ज करनाशोल्डर सर्फिंग से सुरक्षा
ओटीपी/पिन साझा न करनाविषिंग और सोशल इंजीनियरिंग से बचाव
एसएमएस अलर्ट और स्टेटमेंट जांचनासंदिग्ध लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई
रोशनी और सीसीटीवी वाले एटीएम का उपयोगजोखिम कम होता है
फेल ट्रांजैक्शन पर शिकायत करनारिफंड और मुआवजा सुनिश्चित होता है


एटीएम फ्रॉड एक वास्तविक और बढ़ता हुआ खतरा है, लेकिन जागरूकता और सावधानी से आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। मशीन को ध्यान से जांचना, पिन सुरक्षित रखना, ओटीपी साझा न करना और तुरंत रिपोर्ट करना, ये छोटे-छोटे कदम आपके पैसे की रक्षा कर सकते हैं। बैंक और RBI भी सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं।