
मॉनसून में खाने की सुरक्षा कैसे करें? (फोटोः एआई)
बारिश की फुहारों में जब रसोई में नमी और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है, तब यह जानना जरूरी हो जाता है कि मानसून में आपकी रसोई में क्या-क्या होना चाहिए और क्या-क्या नहीं। आइए समझते हैं, कैसे आप अपने किचन को सुरक्षित, स्वादिष्ट और स्वस्थ रख सकते हैं, जिससे कि आपका भोजन बैक्टीरिया मुक्त रहे।
पहली बूंदों के साथ ही रसोई में नमी बढ़ जाती है, जिससे सूखी चीजें जैसे आटा, दाल, मसाले, बिस्कुट और स्नैक्स जल्दी खराब होने लगते हैं। यह नमी बैक्टीरिया, फफूंदी और कीटों के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। इसलिए मानसून में रसोई की तैयारी में कुछ खास बदलाव जरूरी हैं।
सूखी सामग्री को एयरटाइट कंटेनर में रखना सबसे पहला और प्रभावी कदम है। आटा, दाल, मसाले, बिस्कुट, चीनी, नमक, ये सब कंटेनर में रखने से नमी और कीटों से सुरक्षित रहते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कंटेनर का ढक्कन अच्छी तरह बंद होना चाहिए और कंटेनर का आकार उस सामग्री की मात्रा के अनुसार होना चाहिए, खाली जगह कम हो, ताकि हवा और नमी कम प्रवेश कर सके।
नीम या तेजपत्ता जैसे प्राकृतिक अवशोषक डालने से दाल, आटा और अनाज में नमी और फफूंदी का खतरा कम होता है। यह एक पारंपरिक लेकिन कारगर तरीका है, जिसे आज भी अपनाया जा सकता है।
भारी बारिश में रसोई में नमी जमा हो जाती है, इसलिए वेंटिलेशन जरूरी है। खिड़की खोलकर या एग्जॉस्ट फैन चलाकर हवा का प्रवाह बनाए रखें। साथ ही, बर्तन, चम्मच और कंटेनर उपयोग से पहले पूरी तरह सूखे होने चाहिए, थोड़ी-सी नमी भी फफूंदी को बढ़ावा दे सकती है।
पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग बारिश में मिट्टी और दूषित पानी से सीधे संपर्क में आ सकती हैं। इन्हें एक-एक करके साफ पानी में धोना और अच्छी तरह पकाकर खाना ही सुरक्षित है। पत्तागोभी, फूलगोभी और लेट्यूस जैसी सब्जियों की बाहरी परत हटाकर बहते पानी में धोना चाहिए और कच्चा सलाद बनाने से बचना बेहतर होता है।
FSSAI के “टेन गोल्डन रूल्स” के अनुसार, रसोई में स्वच्छता बनाए रखना, हाथ धोना, कच्चे और पके खाने को अलग रखना और सुरक्षित पानी का उपयोग करना बहुत जरूरी है।
कच्ची सब्जियों को धोने के बाद पके खाने के साथ सीधे संपर्क से बचाएं और कटिंग बोर्ड, चाकू आदि को अच्छी तरह साफ करें।
मानसून में बड़ी मात्रा में खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि सामग्री जल्दी खराब हो सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट अंजू सूद सलाह देती हैं कि ताजा पिसा आटा छोटे पैकेट में खरीदें और एयरटाइट कंटेनर में रखें।
दालें, मसाले और अन्य सामग्री भी छोटी मात्रा में खरीदें और जल्दी उपयोग करें, इससे खराब होने का खतरा कम होता है।
मानसून में कीड़े और फफूंदी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रसोई में नियमित सफाई, कंटेनर की जांच और नमी अवशोषक जैसे ब्लॉटिंग पेपर या चावल की सूती पोटली का उपयोग लाभकारी होता है। बिस्कुट या नमकीन के डिब्बे में ब्लॉटिंग पेपर रखने से वे कुरकुरे बने रहते हैं।
बारिश की बूंदों के बीच, जब रसोई में नमी का खतरा बढ़ता है, तब ये छोटे-छोटे कदम आपके खाने को सुरक्षित, स्वादिष्ट और सेहतमंद बनाए रखते हैं। अगली बार जब बारिश की फुहारें शुरू हों, तो इन उपायों को अपनाकर अपनी रसोई को मानसून-फ्रेंडली बनाएं।
Updated on:
20 Aug 2026 05:36 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:36 pm
