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कार खरीदने की खुशी फाइनेंशियल टेंशन में ना हो तब्दील, लोन लेने से पहले समझ लें ये 5 बड़े जोखिम

यदि आप कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज कर दें तो, आपकी कार खरीदने की खुशी, अचानक वित्तीय तनाव में बदल सकती है। जानिए कैसे कार लोन के छिपे जोखिम आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 20, 2026

Car Loan Risks

कार लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें। (फोटोः एआई)

कार लोन से जुड़े वित्तीय जोखिमों को समझना हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है, जो गाड़ी खरीदने के लिए कर्ज लेने की सोच रहा है। चाहे आप युवा पेशेवर हों, छोटे व्यापारी हों या निवेशक या रिटायरमेंट प्लानर हों, कार लोन आपके बजट और भविष्य की योजनाओं पर गहरा असर डाल सकता है। आइए समझते हैं, जोखिम क्या हैं और कैसे बचा जा सकता है।

कार लोन के प्रमुख जोखिमः

एसेट्स जोखिम और क्रेडिट जोखिम

कार लोन में दो मुख्य जोखिम होते हैं: एक तो गाड़ी की कीमत गिरने का जोखिम और दूसरा कर्ज चुकाने की क्षमता से जुड़ा जोखिम (क्रेडिट जोखिम)। गाड़ी खरीदते ही उसकी कीमत घटने लगती है, जबकि लोन की राशि पूरी रहती है। इससे कई बार कर्जदार गाड़ी छोड़ देता है, जिससे बैंक को नुकसान होता है।

इसके अलावा, अगर कोई मॉडल लोकप्रिय नहीं हुआ, तो उस मॉडल की गाड़ी का पुनर्विक्रय मूल्य और भी कम हो सकता है, इसे मॉडल जोखिम कहते हैं।

क्रेडिट जोखिम का मतलब है कि अगर आपकी आय या नौकरी अस्थिर हो जाए, तो EMI चुकाना मुश्किल हो सकता है। खासकर नए या कम क्रेडिट हिस्ट्री वाले ग्राहकों के लिए यह जोखिम बढ़ जाता है।

उच्च लोन-टू-वैल्यू (LTV) और फिनटेक का दबाव

कुछ फिनटेक कंपनियां कार लोन में बहुत ऊंचा एलटीवी देती हैं, यानी गाड़ी की कीमत का बहुत बड़ा हिस्सा कर्ज के रूप में दे देती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस बात पर चिंता जताई है कि इससे कर्जदारों की वित्तीय अनुशासन कमजोर हो सकता है और बैंक बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ सकता है।

छिपे हुए शुल्क और पेनल्टी चार्जेज


कार लोन में सिर्फ ब्याज ही नहीं, बल्कि कई तरह के शुल्क भी होते हैं, जैसे प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज, फोरक्लोजर चार्ज, पेनल चार्ज आदि। उदाहरण के तौर पर, एक बैंक में प्रोसेसिंग फीस 1-2% तक, फोरक्लोजर चार्ज 2-5% तक, और पेनल चार्ज 2-3% प्रति वर्ष तक हो सकता है। ये खर्चा ईएमआई बढ़ा सकते हैं और बजट पर दबाव डाल सकते हैं।

क्रेडिट स्कोर का प्रभाव

आपका सिबिल स्कोर कार लोन की मंजूरी और ब्याज दर पर असर डालता है। 750 से ऊपर का स्कोर होने पर लोन मिलना आसान होता है और ब्याज दर भी कम मिल सकती है। इसके अलावा, ईएमआई आपकी मासिक आय का 30% से अधिक नहीं होना चाहिए, इससे बैंक आपकी चुकाने की क्षमता को बेहतर समझता है।

जोखिमों से बचाव के उपाय

सही डाउन पेमेंट और बजट: गाड़ी की कीमत का कम से कम 20–30% डाउन पेमेंट करें। इससे एलटीवी कम होगा और ब्याज बोझ भी घटेगा। साथ ही, ईएमआई आपकी मासिक आय का 30% से अधिक नहीं होना चाहिए, यह एक सुरक्षित सीमा मानी जाती है।

क्रेडिट स्कोर सुधारें: EMI समय पर चुकाएं, क्रेडिट कार्ड बैलेंस कम रखें, और क्रेडिट मिक्स बनाए रखें,इससे आपका CIBIL स्कोर बेहतर होगा और लोन की शर्तें भी बेहतर मिलेंगी।

लोन की शर्तें ध्यान से पढ़ें

प्रोसेसिंग फीस, पेनल्टी, फोरक्लोजर चार्ज आदि को ध्यान से देखें। अगर संभव हो तो फोरक्लोजर या पार्ट-पेमेंट चार्ज कम या न होने वाला विकल्प चुनें।

फिनटेक से सावधानी से लोन लें

अगर फिनटेक कंपनियां ऊंचा LTV दे रही हैं, तो सावधान रहें। RBI ने इस पर चेतावनी दी है कि यह वित्तीय अनुशासन को कमजोर कर सकता है।

ध्यान देने योग्य बातें

कार लोन सिर्फ एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय योजना का हिस्सा है। अगर आप सावधानी से योजना बनाते हैं, डाउन पेमेंट, EMI, ब्याज दर, क्रेडिट स्कोर, तो यह आपके लिए सुविधाजनक हो सकता है। लेकिन अगर इन जोखिमों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह आपके बजट और भविष्य की योजनाओं पर भारी पड़ सकता है।

विशेषज्ञ की सलाह

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि कार लोन लेते समय अपनी वित्तीय स्थिति का सही आकलन करना बेहद जरूरी है। सही योजना और समझदारी से लिया गया लोन आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकता है।