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बच्चों की थाली में बीज! क्या आपके बच्चे को मिल रहे हैं इन छोटे-छोटे सुपरफूड के फायदे?

Seeds for Kids Health: बच्चे की थाली में पोषण के सुपरहीरो हों तो बच्चे सेहतमंद हो सकते हैं, ये सुपरहीरो हैं सुपरफूड कुदरती बीज। बीजों का जादू खाने को मजेदार और स्वादिष्ट बना सकता है। जानिए कैसे छोटे-छोटे बीजों से सुधरेगी बच्चे की सेहत!
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Sanjana Kumar

Sep 12, 2026

Seeds for kids health

Seeds for kids health: AI Creative

Seeds for Kids Health: बच्चों की थाली में बीजों को सुपरफूड की तरह शामिल करना एक सरल लेकिन असरदार तरीका है, जिससे उन्हें जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। ये बीज प्रोटीन, फाइबर, अच्छे वसा (जैसे ओमेगा‑3), विटामिन और खनिजों का समृद्ध स्रोत होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों में बताया गया है कि नट्स, दालें और बीज बच्चों को ऊर्जा, प्रोटीन, आवश्यक वसा और फाइबर के साथ-साथ आयरन, जिंक और थायमिन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं, जो अक्सर उनकी डाइट में कम होते हैं।

नट्स और तेल वाले बीज नियमित खाने जरूरी

ICMR‑NIN की 'Dietary Guidelines for Indians' में भी उल्लेख है कि छोटे बच्चों को कम मात्रा में लेकिन ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे कि नट्स और तेल वाले बीज नियमित रूप से दिए जाने चाहिए। विशेष रूप से, मूंगफली, तिल, फ्लैक्स सीड्स, कद्दू और खरबूजे के बीज जैसे विकल्पों को बच्चों की डाइट में शामिल करने की सलाह दी गई है क्योंकि ये मोनोअनसैचुरेटेड फैट (MUFA), फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं।

छोटे बच्चों (6–23 महीने) में बीजों को शामिल करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। WHO ने चेतावनी दी है कि पूरे बीज 4 साल से छोटे बच्चों में चोकिंग का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए, बीजों को पीसकर, पेस्ट बनाकर या बटर (जैसे पम्पकिन सीड बटर) के रूप में देना सुरक्षित होता है।

बच्चों की डाइट में बीजों को कैसे करें शामिल?

  • दलिया, स्मूदी या दही में पीसे हुए फ्लैक्स या चिया सीड्स मिलाएं।
  • पोहा, सलाद या सब्जी पर मूंगफली या तिल के टुकड़े छिड़कें।
  • दल या सूप में मूंगफली का पेस्ट या तिल का ताहिनी पेस्ट मिलाएं, जिससे पोषण बढ़ता है और स्वाद भी अच्छा होता है।
  • स्नैक्स के रूप में बीज‑लड्डू या बीज‑क्रैकर्स तैयार करें, जो पौष्टिक और बच्चों को पसंद आने वाले होते हैं।

उम्र के हिसाब से ऐसे तैयार करें हेल्थी खाना

  • 6–12 महीने: बीजों को पूरी तरह से पीसकर दलिया या खिचड़ी में मिलाएं।
  • 1–3 साल: पेस्ट या बटर के रूप में दलिया, दही या सब्जी में शामिल करें।
  • 4 साल से ऊपर: छोटे टुकड़ों में या पाउडर के रूप में सलाद, रोटी, पराठा या स्नैक्स में मिलाएं।

इन जरूरी बातों को न करें इग्नोर

  • चोकिंग से बचाव: 4 साल से छोटे बच्चों को पूरे बीज न दें।
  • एलर्जी का ध्यान रखें: मूंगफली और कुछ नट्स से एलर्जी हो सकती है; शुरुआत में थोड़ा मात्रा में दें और प्रतिक्रिया देखें।
  • संतुलित आहार: बीज अकेले पर्याप्त नहीं; इन्हें दाल, सब्जी, फल, अनाज और डेयरी के साथ संतुलित रूप से शामिल करें।
  • मेडिकल सलाह जरूरी: यदि बच्चे को कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो बीज शामिल करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डायटिशियन से सलाह लें।

कहना होगा कि बीजों को बच्चों की डाइट में शामिल करना एक सरल, स्वादिष्ट और पोषक तरीका है। यह न केवल उनकी ऊर्जा और विकास को सहारा देता है, बल्कि फाइबर, अच्छे वसा और सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी भरपूर स्रोत है। लेकिन सुरक्षा, संतुलन और विशेषज्ञ सलाह का ध्यान रखना जरूरी है।

तो आप भी अपनी रोजमर्रा की रेसिपीज में धीरे-धीरे बीजों को शामिल करें और देखें कि बच्चे उन्हें कैसे पसंद करते हैं, यह एक छोटा लेकिन असरदार बदलाव हो सकता है, जो उनकी सेहत में बड़ा फर्क ला सकता है।