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कोलकाता की दुर्गा पूजा, सिर्फ पंडाल-हॉपिंग ही नहीं, इन 5 ऐतिहासिक जगहों पर दिखेगा शहर का असली मिजाज

दुर्गा पूजा पर कोलकाता ट्रिप की कर रहे हैं प्लानिंग? कुमरतुली से लेकर पार्क स्ट्रीट तक, जानिए वे 5 आइकॉनिक जगहें जो आपके सफर को यादगार बना देंगी।
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Chitra Badoliya

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Oct 12, 2026

कुमरतुली से कॉलेज स्ट्रीट तक (Image: Chat Gpt)

शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दिनों में कोलकाता शहर का मिजाज बिल्कुल बदल जाता है। ढाक की गूंज, धुनुची नाच की खुशबू, रंग-बिरंगी रोशनी और पंडालों की भव्यता इस पूरे शहर को एक जीवंत उत्सव में बदल देती है। यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) में शामिल कोलकाता की दुर्गा पूजा सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि कला, परंपरा और संस्कृति का ऐसा महासंगम है जिसे जीवन में कम से कम एक बार जरूर अनुभव करना चाहिए।

अगर आप इस बार पूजा की छुट्टियों में 'सिटी ऑफ जॉय' जाने की योजना बना रहे हैं, तो केवल पंडाल-हॉपिंग तक सीमित न रहें। इस उत्सव के दौरान कोलकाता की असली आत्मा को महसूस करने के लिए इन 5 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।

कुमरतुली: जहां मिट्टी में सांस लेती है आस्था

उत्सव की भव्यता पंडालों में दिखाई देती है, लेकिन उसकी शुरुआत होती है उत्तरी कोलकाता की संकरी गलियों में बसे ‘कुमरतुली’ से। यह कोलकाता का सदियों पुराना कुम्हारों का मोहल्ला है, जहां पीढ़ियों से कारीगर मां दुर्गा और उनके परिवार की विशाल और जीवंत प्रतिमाओं को तराशते आ रहे हैं।

पूजा शुरू होने से कुछ दिन पहले या शुरुआती दिनों में यहां की यात्रा एक अलग ही अनुभव देती है। हुगली नदी से लाई गई मिट्टी से ढांचे तैयार करने से लेकर प्रतिमाओं की आंखें उकेरने ('चोक्खू दान') तक, हर कदम पर कारीगरों का समर्पण देखने लायक होता है। यहां की पुरानी गलियों में घूमते हुए आप उस कला और शिल्प के साक्षी बन सकते हैं, जो बाद में पूरे शहर के भव्य पंडालों की जान बनती है।

प्रिंसेप घाट: हुगली के किनारे सुनहरी शाम और सुकून

त्योहार की हलचल और भारी भीड़ से थोड़ी देर के लिए शांत माहौल में सांस लेना चाहते हैं, तो प्रिंसेप घाट सबसे बेहतरीन ठिकाना है। हुगली नदी के किनारे विद्यासागर सेतु के नीचे स्थित यह ब्रिटिशकालीन घाट दुर्गा पूजा के समय शानदार रोशनी से जगमगा उठता है।

शाम के समय यहां पारंपरिक लकड़ी की नाव में बैठकर नदी की सैर करना और ठंडी हवा का आनंद लेना दिल को तरोताजा कर देता है। घाट के किनारे टहलते हुए कोलकाता की मशहूर झालमुड़ी, आलू दम और चाय का स्वाद लें। नदी में बहती रोशनी और पीछे बजते ढाक की हल्की आवाजें यहां के माहौल को बेहद सिनेमाई बना देती हैं।

पार्क स्ट्रीट: रोशनी, लाइव म्यूजिक और स्वादिष्ट खाने का कार्निवल

अगर आप त्योहार के आधुनिक, ग्लैमरस और ऊर्जावान पहलू का अनुभव करना चाहते हैं, तो पार्क स्ट्रीट का रुख करें। क्रिसमस की तरह ही दुर्गा पूजा के दिनों में भी यह पूरी सड़क रोशनी की चादर में लिपट जाती है और एक खुले कार्निवल में तब्दील हो जाती है।

पार्क स्ट्रीट कोलकाता का प्रमुख एंटरटेनमेंट और फूड हब है। यहां पीटर कैट का मशहूर 'चेलो कबाब' हो या मोकाम्बो का विंटेज डाइनिंग अनुभव, हर जगह त्योहार का जश्न देखने को मिलता है। रात के समय सड़कों पर उमड़ती खुशहाल भीड़, कैफेज में बजता लाइव म्यूजिक और पब्स की चहल-पहल इस शहर की कभी न सोने वाली भावना को बयां करती है।

कॉलेज स्ट्रीट: पुरानी किताबों की महक और कॉफी हाउस की 'आड्डा'

किताबों के शौकीनों और कला-संस्कृति प्रेमियों के लिए ‘बोई पाड़ा’ यानी कॉलेज स्ट्रीट जाना किसी तीर्थ से कम नहीं है। यह दुनिया के सबसे बड़े सेकंड-हैंड बुक मार्केट्स में से एक है, जहां फुटपाथों पर दुर्लभ पांडुलिपियों से लेकर नई किताबों तक का विशाल भंडार मिलता है।

दुर्गा पूजा के दौरान कॉलेज स्ट्रीट की चहल-पहल और भी बढ़ जाती है। यहां आकर ऐतिहासिक ‘इंडियन कॉफी हाउस’ में कदम रखे बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है। पुरानी ऊंची छतों, घूमते पंखों और सफेद वर्दी वाले वेटरों के बीच बैठकर गर्म कॉफी की चुस्की लें और कोलकाता की मशहूर 'आड्डा' (गहन बौद्धिक और कलात्मक चर्चाओं) की परंपरा को करीब से महसूस करें।

विक्टोरिया मेमोरियल: संगमरमरी भव्यता और खुला आकाश

सफेद मकराना संगमरमर से बनी यह ऐतिहासिक इमारत कोलकाता की पहचान है। दुर्गा पूजा के समय शहर की तंग गलियों और भारी भीड़भाड़ वाले पंडालों से दूर, विक्टोरिया मेमोरियल के विशाल हरे-भरे बाग-बगीचे दिन के वक्त सुकून भरी सैर के लिए मुफीद जगह हैं।

ब्रिटिश वास्तुकला की बेजोड़ नक्काशी को निहारते हुए आप यहां खुले मैदान में टहल सकते हैं या इसके संग्रहालय में जाकर पुराने कोलकाता के इतिहास की झलक देख सकते हैं। परिवार या दोस्तों के साथ शांतिपूर्ण दोपहर बिताने और खूबसूरत तस्वीरें क्लिक करने के लिए यह सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन है।

कोलकाता यात्रा के लिए क्विक टिप्स

  • लोकल ट्रांसपोर्ट: त्योहार के दौरान ट्रैफिक से बचने के लिए कोलकाता मेट्रो का अधिक से अधिक उपयोग करें।
  • फुटवियर: चूंकि पंडालों और ऐतिहासिक स्थलों पर काफी पैदल चलना पड़ता है, इसलिए आरामदायक जूते ही पहनें।
  • स्ट्रीट फूड: काठी रोल, फुचका, रोशोगुल्ला और मिष्टी दोई का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें।
  • दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता केवल एक शहर नहीं रहता, बल्कि उत्सव, भावना और कला का एक खुला रंगमंच बन जाता है। इन पांच जगहों की सैर आपकी इस सांस्कृतिक यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना देगी।