
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
आजकल कई जोड़ों को गर्भधारण करने में परेशानी हो रही है, जिसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतें हैं। लोग पौष्टिक भोजन के बजाय फास्ट फूड और जंक फूड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिससे मोटापा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा वजन या मोटापा गर्भधारण की संभावनाओं को कम कर सकता है। पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए ही मोटापे को कम करना या उससे बचाव करना बहुत जरूरी है। आइए विस्तार से जानें कि मोटापा गर्भधारण को मुश्किल क्यों बनाता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला के गर्भवती होने के लिए रेगुलर मासिक धर्म और ओव्यूलेशन जरूरी हैं। गर्भावस्था तभी संभव होती है, जब अंडा और स्पर्म मिलते हैं। हालांकि, ज्यादा वजन वाली महिलाओं को अक्सर अनियमित मासिक धर्म की समस्या का सामना करना पड़ता है। मोटापा और अनियमित पीरियड्स सीधे तौर पर महिला की फर्टिलिटी और गर्भवती होने की संभावनाओं पर असर डालते हैं।
शरीर में ज्यादा फैट हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देता है, जिससे ओव्यूलेशन में देरी हो सकती है या यह पूरी तरह से बंद हो सकता है। इससे गर्भधारण में कठिनाई होती है और गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
ज्यादा वजन वाली महिलाओं में PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) होने का भी खतरा रहता है। इस स्थिति में, ओवरीज में तरल पदार्थ से भरी सिस्ट बन जाती हैं और मासिक धर्म चक्र अनियमित हो जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इसका फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है। PCOD की वजह से गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है और मोटापे से पीड़ित महिलाओं में इसके होने की संभावना ज्यादा होती है। ज्यादा वजन के कारण पीरियड्स दो से तीन महीने के अंतराल पर आ सकते हैं।
PCOD से महिलाओं में पुरुष हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे अंडे बनने की प्रक्रिया में रुकावट आती है। इसलिए, जो महिलाएं गर्भधारण करना चाहती हैं, उन्हें अपना BMI कम करने पर ध्यान देना चाहिए। कहा जाता है कि जब BMI 20 से 25 के बीच होता है, तो गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा होती है। अगर पति या पत्नी में से किसी को भी मोटापा है, तो गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है।
महिलाओं में ज्यादा वजन होने से अंडे का उत्पादन कम हो जाता है, जबकि पुरुषों में इससे स्पर्म का उत्पादन कम हो जाता है। इसके अलावा, डॉक्टर बताते हैं कि टेस्टिकल्स (जहां स्पर्म बनते हैं) में ज्यादा गर्मी होने से भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता में दिक्कतें आती हैं। इसलिए, डॉक्टर सलाह देते हैं कि अधिक वजन को कंट्रोल करके ही फर्टिलिटी को बेहतर बनाया जा सकता है।
इसके साथ ही खान-पान और फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान देकर वजन को कंट्रोल में रखा जा सकता है। ज्यादा वजन पति और पत्नी दोनों के हार्मोनल कामकाज पर काफी असर डालता है। इसलिए, डॉक्टर इस बात पर जोर देते हैं कि वजन कम करना ही फर्टिलिटी को बेहतर बनाने का एकमात्र तरीका है।
(डिस्क्लेमर: खबर में दी गई जानकारी जागरुकता के लिए है। यह व्यक्तिगत सलाह नहीं है। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी समस्या से पहले एक्सपर्ट की राय अवश्य लें)
Updated on:
12 Oct 2026 07:29 pm
Published on:
12 Oct 2026 07:29 pm
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