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सरकारी नौकरी में EWS आरक्षण कैसे मिलता है? जानिए पात्रता, आय सीमा, जरूरी दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया

EWS Quota In Government Jobs : सरकारी नौकरियों में EWS आरक्षण कैसे मिलता है? जानिए EWS के लिए आय सीमा, संपत्ति के नियम, ज़रूरी दस्तावेज़ और EWS प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया।
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EWS Quota In Government Jobs

EWS Quota In Government Jobs : जानें EWS आरक्षण के लिए क्या है पात्रता, PC- Patrika

EWS Quota In Government Jobs : सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए EWS (Economically Weaker Section) आरक्षण एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। वर्ष 2019 में संविधान के 103वें संशोधन के बाद आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया। इसका उद्देश्य उन परिवारों को अवसर देना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, यह सिर्फ GEN वर्ग के लिए है, इसमें SC, ST या OBC आरक्षण के दायरे में नहीं आते।

हालांकि, EWS आरक्षण को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। क्या केवल आय ₹8 लाख से कम होने पर EWS का लाभ मिल जाएगा? क्या जमीन या मकान होने पर भी EWS प्रमाण पत्र बन सकता है? किन दस्तावेजों की जरूरत होती है? आइए विस्तार से समझते हैं।

EWS आरक्षण क्या है?

EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग। केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया है। यह आरक्षण केवल उन लोगों को मिलता है जो SC, ST और OBC आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते।

सरकारी भर्ती में EWS उम्मीदवारों के लिए अलग सीटें निर्धारित होती हैं। यदि उम्मीदवार पात्रता की सभी शर्तें पूरी करता है और उसके पास वैध EWS प्रमाण पत्र है, तो वह इस आरक्षण का लाभ ले सकता है।

EWS के लिए कौन पात्र है?

EWS आरक्षण का लाभ लेने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि उम्मीदवार सामान्य वर्ग से संबंधित हो। यदि कोई व्यक्ति SC, ST या OBC श्रेणी में आता है, तो वह EWS आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता।

इसके अलावा परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। आय की गणना करते समय केवल नौकरी से मिलने वाला वेतन नहीं, बल्कि खेती, व्यापार, पेशा और अन्य सभी स्रोतों से होने वाली आय को भी जोड़ा जाता है। यह आय आवेदन से पहले वाले वित्तीय वर्ष के आधार पर देखी जाती है।

आय सीमा कितनी है?

EWS आरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹8 लाख तय की है। यदि परिवार की कुल आय ₹8 लाख या उससे अधिक है तो उम्मीदवार EWS श्रेणी में नहीं आएगा।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कई लोग केवल वेतन को आय मान लेते हैं, जबकि नियमों के अनुसार खेती, व्यापार, किराया, पेशा और अन्य सभी स्रोतों से प्राप्त आय को जोड़कर कुल आय निर्धारित की जाती है।

केवल आय कम होना काफी नहीं है

EWS आरक्षण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पात्रता केवल आय से तय नहीं होती। सरकार ने कुछ संपत्ति संबंधी मानदंड भी तय किए हैं। यदि परिवार के पास निर्धारित सीमा से अधिक संपत्ति है तो आय ₹8 लाख से कम होने के बावजूद EWS का लाभ नहीं मिलेगा। जानें किन परिस्थितियों में उम्मीदवार EWS श्रेणी से बाहर माना जाएगा।

पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि : यदि परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है तो EWS का लाभ नहीं मिलेगा।

1000 वर्गफुट या उससे बड़ा फ्लैट : यदि परिवार के पास 1000 वर्गफुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट है तो वह EWS श्रेणी में नहीं आएगा।

नगर पालिका क्षेत्र में बड़ा प्लॉट : यदि अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे बड़ा आवासीय प्लॉट है तो उम्मीदवार EWS का लाभ नहीं ले सकता।

अन्य क्षेत्रों में बड़ा प्लॉट : यदि गैर-नगर पालिका क्षेत्र में 200 वर्ग गज या उससे बड़ा आवासीय प्लॉट है तो भी EWS आरक्षण नहीं मिलेगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवार की अलग-अलग जगहों पर मौजूद संपत्तियों को जोड़कर देखा जाता है। केवल एक शहर या गांव की संपत्ति नहीं, बल्कि सभी संपत्तियों का संयुक्त मूल्यांकन किया जाता है। ([Delhi Revenue Department][4])

EWS में परिवार किसे माना जाता है?

  • आवेदक
  • माता-पिता
  • 18 वर्ष से कम आयु के भाई-बहन
  • पति या पत्नी
  • 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे

इन्हीं सदस्यों की आय और संपत्ति को जोड़कर पात्रता तय की जाती है।

EWS प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

केवल पात्र होना पर्याप्त नहीं है। सरकारी नौकरी या प्रवेश प्रक्रिया में EWS आरक्षण का लाभ लेने के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी Income and Asset Certificate प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। यही प्रमाण पत्र उम्मीदवार के EWS होने का आधिकारिक प्रमाण माना जाता है। यदि प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में नहीं है या समय सीमा के भीतर जारी नहीं हुआ है तो कई भर्तियों में उम्मीदवार को सामान्य वर्ग में माना जा सकता है।

EWS प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जरूरी कागजात?

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • पैन कार्ड (जहां आवश्यक हो)
  • भूमि संबंधी रिकॉर्ड
  • संपत्ति संबंधी दस्तावेज
  • परिवार का विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • स्व-घोषणा पत्र

EWS प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?

  • जिला मजिस्ट्रेट (DM)
  • अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM)
  • उप जिला मजिस्ट्रेट (SDM)
  • तहसीलदार
  • अन्य अधिकृत राजस्व अधिकारी (राज्य सरकारों के नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी में थोड़ा बदलाव हो सकता है।)

EWS आरक्षण का लाभ कैसे मिलता है?

जब किसी सरकारी भर्ती का फॉर्म भरा जाता है, तब उम्मीदवार को अपनी श्रेणी चुननी होती है। यदि वह EWS पात्रता पूरी करता है तो EWS श्रेणी का चयन कर सकता है। फॉर्म भरते समय आवेदक को इन चीजों का ध्यान रखना होता।

  • आवेदन के समय EWS प्रमाण पत्र की जानकारी देनी होती है।
  • कई भर्तियों में प्रमाण पत्र अपलोड करना पड़ता है।
  • दस्तावेज सत्यापन के दौरान मूल प्रमाण पत्र दिखाना होता है।
  • पात्र पाए जाने पर उम्मीदवार EWS कोटे की सीटों पर प्रतिस्पर्धा करता है।

इस प्रकार उसे सामान्य वर्ग की तुलना में अलग आरक्षित सीटों का लाभ मिल सकता है।

फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने से क्या हो सकता है?

कई प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में EWS प्रमाण पत्रों की जांच की जाती है। यदि किसी उम्मीदवार का प्रमाण पत्र गलत, भ्रामक या फर्जी पाया जाता है तो उसका चयन रद्द किया जा सकता है। नियुक्ति समाप्त हो सकती है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। कई अभ्यर्थियों की चर्चाओं में भी यह सलाह दी जाती है कि केवल वास्तविक पात्रता होने पर ही EWS का लाभ लें।