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व्रत की थाली: समा के चावल और राजगिरा से बनाएं पारंपरिक गुजराती हांडवो, उपवास में मिलेगा नया जायका

नवरात्रि व्रत में कुछ नया ट्राई करें! समा के चावल और राजगिरा से बनाएं कम तेल वाला क्रिस्पी व टेस्टी गुजराती फराली हांडवो। जानें सामग्री और आसान विधि।
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Chitra Badoliya

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Oct 12, 2026

फराली हांडवो ( Image: Chat Gpt)

नवरात्रि का पावन पर्व भक्ति, आराधना और आत्म-अनुशासन का प्रतीक है। नौ दिनों के इन उपवासों में श्रद्धालु तन और मन की शुद्धि के लिए सात्विक आहार अपनाते हैं। व्रत के दिनों में अक्सर साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी और तले हुए पकौड़े ही मुख्य फलाहार बन जाते हैं। लगातार तली-भुनी चीजें खाने से न सिर्फ भारीपन महसूस होता है, बल्कि सेहत पर भी इसका असर पड़ता है। अगर आप इस नवरात्रि अपने मेन्यू में कुछ हल्का, कुरकुरा और स्वादिष्ट जोड़ना चाहते हैं, तो पारंपरिक गुजराती व्यंजन 'हांडवो' का फराली रूप एक बेहतरीन विकल्प है।

मूल रूप से हांडवो दाल और चावल के खमीर उठे घोल से बनता है, लेकिन व्रत के नियमों को ध्यान में रखकर इसे समा के चावल और राजगिरा के आटे से आसानी से तैयार किया जा सकता है। यह बाहर से एकदम कुरकुरा और अंदर से स्पंजी व मुलायम बनता है।

नवरात्रि उपवास के नियम और फलाहारी आहार

नवरात्रि में फलाहार के नियम क्षेत्रीय परंपराओं और पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं, लेकिन इनका मूल सिद्धांत सात्विक और सुपाच्य भोजन ग्रहण करना है।

अनाज का विकल्प: सामान्य गेहूं और सफेद चावल की जगह कूट्टू (बकव्हीट), सिंघाड़ा, राजगिरा (चौलाई), साबूदाना और समा के चावल (मोरधन/वरई) का उपयोग होता है।

सब्जियां और फल: आलू, शकरकंद, अरबी, कद्दू, लौकी, खीरा और कच्चा केला व्रत में खाए जाते हैं। सेब, अनार, पपीता और केला जैसे फल दिनभर ऊर्जा बनाए रखते हैं।

मसाले और तेल: सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक, जीरा, काली मिर्च, हरी मिर्च और अदरक का प्रयोग किया जाता है। भोजन पकाने के लिए मूंगफली का तेल या शुद्ध देसी घी उत्तम माना जाता है।

फराली हांडवो: आवश्यक सामग्री

  • समा के चावल: 1 कप (2 से 3 घंटे पानी में भीगे हुए)
  • राजगिरा का आटा: 1½ कप
  • ताजा दही: ½ कप
  • उबला आलू: 1 (कद्दूकस किया हुआ)
  • भुनी और दरदरी मूंगफली: 4 बड़े चम्मच
  • अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच
  • चीनी: 1 छोटा चम्मच (स्वादानुसार)
  • सेंधा नमक: स्वादानुसार
  • जीरा: ½ छोटा चम्मच
  • तिल: ½ छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • कढ़ी पत्ता: 6-8 पत्ते
  • तेल या देसी घी: 1 बड़ा चम्मच
  • बेकिंग सोडा या इनो (रेगुलर): ½ छोटा चम्मच
  • बारीक कटा हरा धनिया: सजावट के लिए
  • पानी: आवश्यकतानुसार

बनाने की आसान विधि

चावल तैयार करें: भीगे हुए समा के चावल का पानी पूरी तरह निकाल दें। मिक्सी में इसे हल्का दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि पेस्ट बिल्कुल बारीक न हो, दरदरापन हांडवो को सही टेक्सचर देता है।

घोल (बैटर) तैयार करें: पिसे हुए समा के चावल को एक बड़े बर्तन में निकालें। इसमें राजगिरा का आटा, दही, कद्दूकस किया आलू, कुटी हुई मूंगफली, अदरक-मिर्च पेस्ट, चीनी और सेंधा नमक डालें। आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा लेकिन आसानी से फैलने वाला बैटर बना लें। इसे ढककर 10-15 मिनट के लिए रख दें।

तड़का लगाएं: एक छोटे पैन में घी या तेल गरम करें। इसमें जीरा, तिल और कढ़ी पत्ता डालकर चटकाएं। इस गरमा-गरम तड़के को बैटर में डालकर अच्छी तरह मिला लें।

अंतिम तैयारी: पकाते समय बैटर में बेकिंग सोडा या फ्रूट साल्ट (इनो) डालें और हल्के हाथ से एक दिशा में मिलाएं। ज्यादा देर न फेंटें।

पैन में सेकें: एक नॉन-स्टिक पैन या तवे पर थोड़ा घी लगाएं और धीमी आंच पर गरम करें। इसमें 1-2 बड़े चमचे बैटर डालकर मोटा गोल आकार दें। ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकने दें, जब तक कि निचली सतह सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए।

दूसरी तरफ सेकें: सावधानी से हांडवो को पलटें, हल्का सा घी किनारों पर लगाएं और दोबारा ढककर 5 मिनट तक पकने दें।

परोसने का तरीका

तैयार फराली हांडवो को तवे से उतारकर हल्का ठंडा होने दें, फिर चौकोर या तिकोने टुकड़ों में काट लें। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें। इसे व्रत वाली हरी धनिया-पुदीने की चटनी या ताजे मीठे दही के साथ गरमा-गरम परोसें। यह कम तेल में बनने वाला पौष्टिक स्नैक पूरे दिन आपको ऊर्जावान रखेगा।