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इंजेक्शन नहीं, अब GLP-1 गोली से 36 हफ्तों में घटेगा 12.1% वजन, रिसर्च का दावा

GLP-1 Weight Loss Drug: नई GLP-1 गोली एलेनिग्लिप्रोन ने रिसर्च में 36 हफ्तों में 12.1% तक वजन घटाने का असर दिखाया। वैज्ञानिक अब इसके बड़े स्तर के परीक्षण की तैयारी कर रहे हैं।
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भारत

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MI Zahir

Aug 11, 2026

Getting rid of obesity News

मोटापा घटाने में नई GLP-1 गोली ने दिखाए अच्छे नतीजे, तेजी से वजन घटाने में मिली सफलता। ( फोटो: AI)

मोटापे के इलाज में एक नई उम्मीद सामने आई है। नॉर्थ वेस्टर्न मेडिसिन के वैज्ञानिकों और रिसर्च की टीम ने एलेनिग्लिप्रोन (Aleniglipron) नाम की नई मौखिक GLP-1 दवा पर किए गए चरण-2बी क्लिनिकल ट्रायल में पाया कि यह 36 हफ्तों में लोगों के शरीर का वजन औसतन 12.1 प्रतिशत तक कम करने में मदद कर सकती है। यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुई है। इस अध्ययन में रॉबर्ट कुशनर, एमडी (Northwestern Medicine) समेत कई वैज्ञानिक शामिल थे। रिसर्च में बताया गया कि यह नई दवा इंजेक्शन वाली GLP-1 दवाओं जैसे सेमाग्लूटाइड (Ozempic और Wegovy) से अलग है, क्योंकि इसे गोली के रूप में दिन में एक बार लिया जा सकता है।

गोली के रूप में GLP-1 दवा का नया विकल्प

GLP-1 दवाइयां शरीर में मौजूद प्राकृतिक हार्मोन ग्लूकागॉन-लाइक पेप्टाइड-1 की तरह काम करती हैं। ये दवाएं इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने, भूख कम करने और पेट भरा होने का एहसास बढ़ाने में मदद करती हैं। अभी तक ज्यादातर प्रभावी GLP-1 दवाएं इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध हैं। कई लोगों के लिए नियमित इंजेक्शन लेना परेशानी का कारण बनता है। इसके अलावा इन दवाओं को ठंडे तापमान में रखने और बड़े स्तर पर उत्पादन करने में भी चुनौतियां आती हैं।

सामान्य दवाओं की तरह आसानी से वितरित किया जा सकता है

रिसर्च के अनुसार एलेनिग्लिप्रोन एक छोटे अणु (Small Molecule) वाली दवा है, जिसे रासायनिक तरीके से बनाया जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसे सामान्य दवाओं की तरह आसानी से तैयार और वितरित किया जा सकता है।

230 लोगों पर हुआ क्लिनिकल ट्रायल

रिसर्च टीम ने अमेरिका के 38 मेडिकल सेंटरों में यह परीक्षण किया। इसमें मोटापे या अधिक वजन वाले 230 वयस्कों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों की औसत उम्र करीब 50 वर्ष थी।

अध्ययन में लोगों को तीन अलग-अलग खुराक समूहों में बांटा गया:

45 मिलीग्राम खुराक।
90 मिलीग्राम खुराक।
120 मिलीग्राम खुराक।

प्रतिभागियों ने 36 हफ्तों तक रोजाना एक बार एलेनिग्लिप्रोन गोली ली। कुछ लोगों को प्लेसीबो दिया गया ताकि दवा के वास्तविक प्रभाव की तुलना की जा सके।

120 मिलीग्राम खुराक में सबसे ज्यादा वजन कम

रिसर्च के 36वें सप्ताह में वैज्ञानिकों ने पाया कि:

45 मिलीग्राम समूह में वजन करीब 9 प्रतिशत कम हुआ।
90 मिलीग्राम समूह में वजन करीब 10.7 प्रतिशत घटा।
120 मिलीग्राम समूह में वजन करीब 12.1 प्रतिशत कम हुआ।

वहीं प्लेसीबो लेने वाले लोगों में वजन में केवल 0.5 प्रतिशत की कमी देखी गई।

वैज्ञानिकों के अनुसार यह परिणाम बताते हैं कि एलेनिग्लिप्रोन मोटापे के इलाज के लिए एक प्रभावी विकल्प बन सकती है।

इंजेक्शन वाली दवाओं से कैसे अलग है?

मौजूदा GLP-1 दवाएं जैसे Wegovy और Ozempic पेप्टाइड आधारित दवाएं हैं, जिन्हें इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है। जबकि एलेनिग्लिप्रोन एक छोटा अणु आधारित उपचार है।

रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों के अनुसार इसके फायदे:

भोजन के साथ या बिना भोजन के लिया जा सकता है।
बड़े पैमाने पर उत्पादन आसान हो सकता है।
स्टोरेज की समस्या कम हो सकती है।
गोली के रूप में सेवन संभव।

साइड इफेक्ट रहे हल्के

अध्ययन के दौरान कुछ लोगों में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे मतली, पाचन संबंधी परेशानी और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रभाव देखे गए।

वैज्ञानिकों के अनुसार ये समस्याएं अधिकतर हल्की से मध्यम थीं और समय के साथ कम होती गईं। करीब 10.4 प्रतिशत प्रतिभागियों ने इलाज बीच में छोड़ दिया।

रिसर्च टीम ने बताया कि अध्ययन के दौरान दवा से जुड़ी गंभीर लिवर समस्या का कोई मामला सामने नहीं आया।

अब तीसरे चरण के परीक्षण की तैयारी

वैज्ञानिकों का कहना है कि शुरुआती परिणाम उत्साहजनक हैं, लेकिन दवा को बाजार में आने से पहले बड़े स्तर पर फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल से गुजरना होगा। रॉबर्ट कुशनर के अनुसार अध्ययन में दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा को लेकर कोई नया गंभीर संकेत नहीं मिला है।

यह मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए इंजेक्शन के मुकाबले एक आसान विकल्प

खुशी की बात है कि अब आगे के परीक्षणों में इसकी लंबी अवधि की प्रभावशीलता और सुरक्षा का मूल्यांकन किया जाएगा। अगर यह दवा आगे के परीक्षणों में सफल रहती है तो यह मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए इंजेक्शन के मुकाबले एक आसान विकल्प बन सकती है।