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चीन के ग्वांगझू से दिल्ली का सफर आसान! जानिए राष्ट्रपति शी की यात्रा से पहले शुरू हुई उड़ान का पूरा शेड्यूल और फायदे

China To India Flight: अब आपकी यात्रा ग्वांगझू से दिल्ली सिर्फ एक सीधी उड़ान की दूरी पर हो गया है। इस नई कनेक्टिविटी से न केवल व्यापार में बढ़ोतरी होगी, बल्कि भारत-चीन के रिश्तों को भी नई उड़ान मिलेगी।
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Sanjana Kumar

Sep 12, 2026

China To Delhi Flight

China To Delhi Flight: भारत से चीन-चीन से भारत का हवाई सफर शुरू (AI Creative)

China To India Flight: नई दिल्ली में चीन साउदर्न एयरलाइंस द्वारा ग्वांगझू से नई दिल्ली सीधी उड़ानें छह साल बाद ही सही लेकिन एक बार फिर से बहाल होने को हैं। इस शुरुआत को एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यह कदम न केवल द्विपक्षीय वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत-चीन के बीच धीरे-धीरे बहाल हो रही हवाई कनेक्टिविटी का संकेत भी दे रही है। यहां जानें कब से मिलेगा आपको इस उड़ान का फायदा और क्या रहेगा शेड्यूल?

फिर से शुरू होंगी उड़ानें, ये रहेगा शेड्यूल

चीन साउदर्न एयरलाइंस ने आधिकारिक घोषणा की है कि वह 21 सितंबर 2026 से ग्वांगझू (Guangzhou Baiyun International Airport) और नई दिल्ली (Indira Gandhi International Airport) के बीच प्रतिदिन सीधी उड़ानें फिर से शुरू करेगी। यह मार्ग फरवरी 2020 में निलंबित किया गया था और अब छह साल बाद पुनः बहाल हो रहा है। उड़ान संख्या CZ359 ग्वांगझू से दोपहर 3:35 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे दिल्ली पहुंचती है, जबकि वापसी उड़ान CZ360 दिल्ली से रात 8:20 बजे उड़ान भरकर अगले दिन सुबह 4:15 बजे ग्वांगझू पहुंचती है।

विमान और परिचालन यह सेवा Boeing 737-8 (737 MAX 8) विमान से संचालित की जाएगी, जो आधुनिक और कुशल तकनीक से लैस है। कुछ रिपोर्टों में Airbus A330-200 का भी उल्लेख है, लेकिन आधिकारिक जानकारी Boeing 737-8 पर ही आधारित है।

जानिए क्यों महत्वपूर्ण हुई यह कनेक्टिविटी

यह उड़ान पुनः शुरू होना भारत-चीन के बीच धीरे-धीरे बहाल हो रही हवाई कनेक्टिविटी का हिस्सा है। इससे पहले, China Eastern Airlines ने शंघाई-दिल्ली मार्ग फिर से शुरू किया था और Air China ने बीजिंग-दिल्ली सेवा बहाल की थी। यह कदम व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा, विशेषकर दक्षिण चीन और भारत के बीच।

क्या व्यापार और यात्रा पर दिखेगा इसका असर

ग्वांगझू चीन का एक प्रमुख वाणिज्यिक और हवाई केंद्र है, जिससे यात्रियों को दक्षिण चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के लिए आसान कनेक्शन मिलता है। एक सीधी उड़ान आमतौर पर 4-6 घंटे की बचत करती है, जो पहले बेंगलुरु या सिंगापुर के माध्यम से यात्रा करने पर लगती थी। इसके अलावा, OAG डेटा के अनुसार, सितंबर में भारत-चीन के बीच सीटों की संख्या अगस्त की तुलना में लगभग 18.8% बढ़ी है, जिसमें IndiGo, China Eastern, Air India, Air China और China Southern की हिस्सेदारी है।

क्या आप भी कर रहें हैं हवाई यात्रा की प्लानिंग?

यात्रा योजना बना रहे यात्रियों को वीजा और ट्रांजिट नियमों की पुष्टि पहले से कर लेनी चाहिए, क्योंकि उड़ान उपलब्धता का अर्थ नियमों में पूर्ण सामान्यता नहीं है। शुरुआती महीनों में किराया अस्थिर हो सकता है, क्योंकि एयरलाइंस मांग के अनुसार कीमतें और क्षमता समायोजित करती हैं।

भारत-चीन संबंधों में आखिर कैसा है यह कदम

यह उड़ान बहाली भारत और चीन के बीच धीरे-धीरे सुधरते संबंधों का एक संकेत है। 2025 में दोनों देशों ने सीमा विवाद के बाद हवाई कनेक्टिविटी बहाल करने पर सहमति जताई थी और कई चीनी एयरलाइंस ने दिल्ली में स्लॉट के लिए आवेदन भी किया था। इसके बाद IndiGo ने कोलकाता-ग्वांगझू और दिल्ली-ग्वांगझू मार्ग फिर से शुरू किए थे और China Eastern ने शंघाई-दिल्ली सेवा भी बहाल की थी।

आगे क्या संभावनाएं

21 सितंबर से उड़ानें शुरू हो जाएंगी, लेकिन यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को वीजा, किराया और कनेक्टिविटी की स्थिति पर नजर रखनी होगी। यदि यह सेवा सफल रही, तो यह और अधिक मार्गों के बहाल होने की राह खोल सकती है। इसके अलावा, यह भारत-चीन के बीच बढ़ते आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।

कहना होगा कि यह उड़ान पुनः शुरू होना सिर्फ एक यात्रा मार्ग का पुनरारंभ नहीं है, बल्कि भारत और चीन के बीच धीरे-धीरे बहाल हो रही कनेक्टिविटी और विश्वास का प्रतीक है। यह कदम व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संवाद को आसान बनाएगा। वहीं भविष्य में और भी कई रास्ते खुलने से इनकार नहीं किया जा सकता।