
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
भारत के वैश्विक व्यापार परिदृश्य में आंध्र प्रदेश एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। आंध्र प्रदेश ने देश के कुल निर्यात में 7वां स्थान हासिल किया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान, जहां भारत का कुल वैश्विक निर्यात ₹39,03,730 करोड़ रहा। वहीं, इसमें आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग ₹1.77 लाख करोड़ दर्ज की गई।
वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान भारत का कुल वैश्विक निर्यात ₹39,03,730 करोड़ रहा। इसमें आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग ₹1.77 लाख करोड़ दर्ज की गई। इस सूची में गुजरात ₹9.77 लाख करोड़ के निर्यात के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जिसके बाद महाराष्ट्र और तमिलनाडु का स्थान है। क्षेत्रीय स्तर पर यह आंकड़े दक्षिण भारतीय राज्यों के औद्योगिक दबदबे को दर्शाते हैं। शीर्ष 10 निर्यातक राज्यों में केरल (15वां स्थान, ₹40,392 करोड़) को छोड़कर सभी दक्षिण भारतीय राज्य शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश की इस सफलता के पीछे उसका मजबूत और विविधीकृत औद्योगिक आधार है। राज्य से दुनिया भर के विभिन्न देशों में लगभग 841 प्रकार के उत्पादों का निर्यात किया गया। निर्यात की जाने वाली मुख्य वस्तुओं में समुद्री उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, तंबाकू, कार्बनिक रसायन, नावें, पेट्रोलियम उत्पाद, चावल, फेरोअलॉयज, मिर्च और चीनी उत्पाद सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं। कृषि और उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों का यह अनूठा संतुलन राज्य की आर्थिक स्थिरता को मजबूत करता है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो आंध्र प्रदेश के उत्पादों के लिए अमेरिका (USA) सबसे बड़ा गंतव्य बनकर उभरा है। राज्य ने अमेरिका को ₹35,970 करोड़ मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया, जो किसी भी अन्य देश की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।
एशियाई बाजार: चीन (₹14,241 करोड़), सिंगापुर (₹13,563 करोड़), संयुक्त अरब अमीरात (₹5,190 करोड़), वियतनाम (₹5,130 करोड़), मलेशिया (₹4,357 करोड़) और इंडोनेशिया (₹3,820 करोड़)।
यूरोपीय और अन्य बाजार: बेल्जियम (₹5,812 करोड़), रूस (₹4,450 करोड़) और ब्राजील (₹3,885 करोड़)।
व्यापारिक साझेदार: अमेरिकी बाजार पर सबसे अधिक निर्भरता
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो आंध्र प्रदेश के उत्पादों के लिए अमेरिका (USA) सबसे बड़ा गंतव्य बनकर उभरा है। राज्य ने अमेरिका को ₹35,970 करोड़ मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया, जो किसी भी अन्य देश की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।
आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि आंध्र प्रदेश न केवल भारत की 'लुक ईस्ट' नीति का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। हालांकि, अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता को देखते हुए, भविष्य में भू-राजनीतिक जोखिमों से बचने के लिए राज्य को अन्य देशों के साथ भी अपने व्यापार को और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता होगी।
Updated on:
20 Oct 2026 09:10 pm
Published on:
20 Oct 2026 09:10 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
