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बोरवेल या ट्यूबवेल खुदवाने से पहले किन सरकारी नियमों को जानना जरूरी है? जानें कृषि-व्यावसायिक उपयोग के नियम

Borewell Drilling Permission Rules : बोरवेल या ट्यूबवेल खुदवाने से पहले जानिए भूजल दोहन के सरकारी नियम! कृषि और व्यावसायिक उपयोग की NOC, ओवर-एक्सप्लॉइटेड जोन की पाबंदियां और अवैध बोरवेल पर जुर्माने से जुड़ी पूरी जानकारी।
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Borewell Drilling Permission Rules

Borewell Drilling Permission Rules

खेती, घरों और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बोरवेल और ट्यूबवेल आज पानी का बड़ा स्रोत बन चुके हैं। लेकिन भूजल स्तर लगातार गिरने के कारण केंद्र और राज्य सरकारों ने भूजल दोहन को लेकर कई नियम बनाए हैं। ऐसे में बोरवेल खुदवाने से पहले यह जानना जरूरी है कि किन क्षेत्रों में अनुमति लेनी पड़ती है, कृषि और व्यावसायिक उपयोग के नियमों में क्या अंतर है और नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई हो सकती है।

भूजल दोहन के नियम क्या हैं?

भारत में भूजल प्रबंधन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्यों की है, जबकि केंद्रीय स्तर पर केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) नियमन और दिशा-निर्देश जारी करते हैं। नियमों का उद्देश्य भूजल का अनियंत्रित दोहन रोकना और जल स्रोतों को सुरक्षित रखना है।

कई क्षेत्रों को भूजल उपलब्धता के आधार पर Safe, Semi-Critical, Critical और Over-Exploited श्रेणियों में बांटा जाता है। जहां भूजल का अत्यधिक दोहन हो चुका है, वहां नए बोरवेल पर अतिरिक्त प्रतिबंध या अनुमति की शर्तें लागू हो सकती हैं।

किन क्षेत्रों में अनुमति जरूरी हो सकती है?

  • कृषि उपयोग के लिए कई मामलों में केंद्रीय NOC से छूट दी गई है।
  • औद्योगिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, खनन और बड़े व्यावसायिक उपयोग के लिए NOC की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • भूजल संकट वाले क्षेत्रों में राज्य सरकारें अतिरिक्त अनुमति या पंजीकरण की व्यवस्था लागू कर सकती हैं।

इसलिए बोरवेल खुदवाने से पहले संबंधित जिला प्रशासन, भूजल विभाग या जल संसाधन विभाग से स्थानीय नियम जरूर जांच लेने चाहिए।

कृषि और व्यावसायिक उपयोग में क्या अंतर है?

कृषि उपयोग : यदि किसान अपनी खेती और सिंचाई के लिए बोरवेल या ट्यूबवेल लगाता है, तो कई केंद्रीय नियमों में कृषि उपयोग को विशेष छूट दी गई है। भारत में भूजल का सबसे बड़ा हिस्सा सिंचाई के लिए उपयोग होता है।

व्यावसायिक उपयोग : यदि भूजल का उपयोग व्यवसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है तो आमतौर पर नियम अधिक सख्त होते हैं और कई मामलों में NOC या पंजीकरण आवश्यक हो सकता है।

  • RO प्लांट
  • पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर
  • होटल
  • मॉल
  • हाउसिंग प्रोजेक्ट
  • उद्योग
  • वाहन धुलाई केंद्र
  • पानी का व्यावसायिक विक्रय

अवैध बोरवेल पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना आवश्यक अनुमति के भूजल का व्यावसायिक दोहन करती है, तो कार्रवाई की जा सकती है। संभावित कार्रवाई में शामिल हो सकते हैं:

  • बोरवेल सील करना
  • भारी जुर्माना
  • पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation)
  • अभियोजन (Prosecution)

कुछ मामलों में कारावास का प्रावधान

उत्तर प्रदेश भूजल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम के तहत कुछ उल्लंघनों पर लाखों रुपये तक जुर्माना और जेल का प्रावधान बताया गया है।

परित्यक्त (Unused) बोरवेल भी खतरा हैं

खाली या छोड़े गए खुले बोरवेल बच्चों और पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और भूजल प्राधिकरण समय-समय पर ऐसे बोरवेल को सुरक्षित तरीके से बंद करने के निर्देश जारी करते रहे हैं।

बोरवेल खुदवाने से पहले क्या जांच लें?

  • क्षेत्र की भूजल स्थिति जांचें।
  • स्थानीय प्रशासन या भूजल विभाग से नियम जानें।
  • यदि व्यावसायिक उपयोग है तो NOC की आवश्यकता पता करें।
  • अधिकृत ड्रिलिंग एजेंसी का चयन करें।
  • वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की व्यवस्था पर भी विचार करें।