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किसानों के लिए आय और खेती का खर्च संभालने वाली केंद्र सरकार की जरूरी योजनाएं, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

किसानों की आय बढ़ाने, आर्थिक दवाब कम करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। इस खबर में PM-Kisan से लेकर फसल बीमा योजना तक, कई जरूरी योजनाओं की जानकारी दी गई है।
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भारत

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Vinay Shakya

Sep 07, 2026

Important schemes for farmers

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

किसानों की आय बढ़ाने और खेती के जोखिम को कम करने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इनमें सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता से लेकर फसल बीमा, सस्ता कृषि ऋण, सोलर पंप और कृषि ढांचे के लिए वित्तीय मदद तक शामिल है। हालांकि, हर योजना की पात्रता और आवेदन की शर्तें अलग हैं। इसलिए किसान के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सी योजना काम की है? संबंधित योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है?

PM-Kisan: सालाना 6 हजार रुपए की सीधी मदद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी PM-Kisan किसानों के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है।

PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। किसान पोर्टल पर अपने भुगतान की स्थिति भी देख सकते हैं। योजना में कुछ अपवर्जन श्रेणियां हैं, इसलिए प्रत्येक भूमिधारक व्यक्ति स्वतः पात्र नहीं हो जाता।

फसल खराब हुई तो PM फसल बीमा योजना बनेगी सहारा

खेती में मौसम सबसे बड़ा जोखिम है। बेमौसम बारिश, सूखा, बाढ़ और दूसरी प्राकृतिक परिस्थितियां किसान की महीनों की मेहनत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे जोखिमों को कम करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) महत्वपूर्ण है। योजना में किसान द्वारा देय अधिकतम प्रीमियम खरीफ की खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और वार्षिक वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत है। किसान आधिकारिक पोर्टल पर फसल बीमा के लिए आवेदन करने के साथ प्रीमियम कैलकुलेटर का उपयोग और आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। फसल नुकसान की शिकायत और सहायता के लिए कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 की सुविधा उपलब्ध है।

सस्ता कृषि ऋण और सोलर पंप के लिए योजना

किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC का उद्देश्य खेती से जुड़ी वित्तीय जरूरतों के लिए किसानों की संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान करना है। PM-Kisan पोर्टल पर भी KCC आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। किसान बैंक और संबंधित सरकारी माध्यमों से पात्रता, ब्याज सहायता और मौजूदा ऋण सीमा की जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं। वहीं, सिंचाई पर डीजल और बिजली का खर्च कम करने में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) मददगार हो सकता है।

योजना के तहत स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाने और मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों के सोलराइजेशन के लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल लागत पर 30 प्रतिशत या 50 प्रतिशत तक केंद्रीय सब्सिडी, संबंधित घटक और लागू व्यवस्था के अनुसार, दी जाती है। इसके अलावा किसान अपनी बंजर या परती भूमि पर योजना के तहत 2 मेगावाट तक का ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित कर बिजली स्थानीय वितरण कंपनी को बेचने के विकल्प का लाभ भी पात्रता और राज्य की व्यवस्था के अनुसार उठा सकते हैं।

किसानों के लिए अलग-अलग योजनाओं का लाभ

इन सरकारी योजनाओं को अलग-अलग देखने के बजाय खेती के पूरे चक्र से जोड़कर समझना अधिक उपयोगी है। उदाहरण के तौर पर पात्र किसान PM-Kisan से मिलने वाली रकम का उपयोग खेती के छोटे खर्चों में कर सकता है, KCC से कृषि ऋण की जरूरत पूरी कर सकता है और PMFBY से फसल को जोखिम से सुरक्षा दे सकता है। सिंचाई का खर्च ज्यादा है तो PM-KUSUM के जरिए सोलर पंप का विकल्प उपयोगी हो सकता है।

किसानों के लिए सुझाव

योजनाओं का लाभ लेते समय किसानों को एक सावधानी जरूर बरतनी चाहिए। सरकारी योजना के नाम पर आने वाले अनजान लिंक, एजेंट या भुगतान मांगने वाली वेबसाइट पर भरोसा नहीं करना चाहिए। PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल पर भी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।

आवेदन से पहले आधार, बैंक खाता, जमीन से संबंधित रिकॉर्ड और योजना में मांगे गए अन्य दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी है। साथ ही संबंधित योजना के आधिकारिक पोर्टल, बैंक, कृषि विभाग या अधिकृत केंद्र से नवीनतम पात्रता और राज्य-विशिष्ट नियम जरूर जांचने चाहिए। इससे किसान सरकारी सहायता का सही लाभ उठा सकते हैं और गलत जानकारी या धोखाधड़ी से बच सकते हैं।