
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
टाटा मोटर्स के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी JLR ने अगले दो वर्षों में अपने वैश्विक कार्यबल में करीब 4,000 पदों की कमी करने की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, यह कदम संगठन को सरल बनाने, परिचालन प्रदर्शन बेहतर करने और तेजी से बदलते बाजारों के बीच लंबे समय तक टिकाऊ विकास की मजबूत नींव तैयार करने के लिए शुरू किए गए रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है। कंपनी ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भी बनी हुई हैं।
19 जून को Investor Day पर घोषित 'ग्रोथ रीइमेजिन्ड' रणनीति के तहत JLR अगले दो वर्षों में करीब £1.7 अरब की बचत का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी का कहना है कि इस बचत से उसका ब्रेक-ईवन स्तर करीब 3 लाख यूनिट तक लाने में मदद मिलेगी। ताकि कम बिक्री की स्थिति में भी कंपनी का मुनाफा और वित्तीय आधार मजबूत बना रहे। इससे JLR को लंबे समय में टिकाऊ और लाभदायक विकास हासिल करने की क्षमता मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जून 2026 में खत्म हुई तिमाही में JLR का रेवेन्यू करीब 9.6 फीसदी गिरकर £6 अरब रह गया, लेकिन असली झटका मुनाफे में लगा। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट दो-तिहाई से ज्यादा गिरकर सिर्फ £109 मिलियन रह गया। यानी कंपनी अरबों पाउंड का कारोबार तो कर रही है, लेकिन उसके हाथ में बचने वाला पैसा तेजी से कम हो रहा है।
JLR अगले दो साल में करीब 21,700 करोड़ की लागत कम करना चाहती है। नौकरियों में कटौती इसी प्लान का हिस्सा है। कंपनी का एक और लक्ष्य है कि उसका ब्रेक-ईवन पॉइंट करीब 3 लाख गाड़ियों तक आ जाए। मतलब कंपनी को मुनाफे में आने के लिए पहले जितनी कारें बेचनी पड़ती थीं, अब उससे कम कारें बेचकर भी खर्च निकाल सके। इसके लिए कंपनी अपने कामकाज को छोटा और कम खर्च वाला बनाने में जुटी है।
JLR अगले दो वर्षों में वैश्विक स्तर पर करीब 4,000 पद कम करेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस कटौती से प्रत्यक्ष मैन्युफैक्चरिंग नौकरियों के प्रभावित होने की उम्मीद नहीं है। जहां तक संभव होगा, कर्मचारियों की संख्या में कमी स्वैच्छिक माध्यमों से की जाएगी। कंपनी ने कटौती के पहले चरण के लिए परामर्श प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। JLR ने यह भी कहा है कि बदलाव से प्रभावित कर्मचारियों को सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी रखी जाएगी।
कंपनी का लक्ष्य संगठनात्मक जटिलता को कम करना और परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। JLR के मुताबिक, सरल संगठनात्मक ढांचा कंपनी को तेजी से बदलती बाजार परिस्थितियों और लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से बेहतर तरीके से निपटने में मदद करेगा। यह बदलाव कंपनी के लंबे समय के टिकाऊ विकास की नींव मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
एक तरफ JLR हजारों लोगों की नौकरियां कम कर रही है, दूसरी तरफ कंपनी भविष्य की कारों पर पैसा खर्च करना बंद नहीं कर रही। खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल और नई तकनीक पर कंपनी का निवेश जारी रहेगा। दरअसल JLR समझ चुकी है कि आने वाले समय में सिर्फ पेट्रोल-डीजल वाली लग्जरी कारों के भरोसे कारोबार चलाना मुश्किल होगा। ग्राहक बदल रहे हैं, टेक्नोलॉजी बदल रही है और चीन की कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसलिए कंपनी अभी खर्च काटकर पैसा बचाना चाहती है, ताकि वही पैसा आगे की तकनीक और इलेक्ट्रिक कारों में लगाया जा सके।
Updated on:
07 Sept 2026 09:47 pm
Published on:
07 Sept 2026 09:47 pm
