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NRI परिवार खोज रहे घर का स्वाद! जानिए कैसा है भारतीय थाली का जादू?

Indian Thali Magic: भारतवासी हैं, तो जान लें, आपकी थाली में छिपी हैं आपके देश की पहचान और यादें? NRI परिवार अब अपने घर का स्वादिष्ट खाना खोज रहे हैं। ताकि उन पारिवारिक यादों को फिर से जी सकें। क्या आप भी हैं NRI, तो जरूर बताएं भारतीय थाली आपके लिए क्यों है खास?
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Sanjana Kumar

Sep 11, 2026

Indian Thali Magic

Indian Thali Magic: AI Creative

भारतीय स्वाद की खोज: NRI परिवारों की थाली

Indian Thali Magic: जब भारतीय परिवार विदेश में अपनी जड़ों से जुड़ने की चाह रखते हैं, तो उनकी थाली, वह पारंपरिक भोजन जो घर की याद दिलाता है, एक भावनात्मक और सांस्कृतिक पुल बन जाती है। हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट, Desify NRI Food Index 2026, ने इस प्रवृत्ति को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 से जून 2026 तक दुनिया भर में NRI परिवारों द्वारा भारत से भेजे गए खाद्य ऑर्डरों में सबसे अधिक मांग है।

यहां जानें क्या कहती है रिपोर्ट

  • सबसे ऊपर है हैदराबादी Pista House का Haleem Box, जो खासतौर पर रमजान और ईद के आसपास की अवधि में भारी मात्रा में ऑर्डर किया गया।
  • इसके बाद Motichur Laddu (Almond House), फिर Haleem + Biryani Box (Pista House + Paradise), Andhra Avakaya Pickle, Niloufer Platinum Tea Powder, Telangana Chekkalu, Paradise Biryani Kit, Chegodi, Kaju Burfi, और Osmania Biscuits Premium Pack जैसे आइटम शामिल हैं।

यह सूची बताती है कि NRI परिवार सिर्फ सामान्य भारतीय मिठाइयों या किराना सामान नहीं मांग रहे, बल्कि वे अपने शहरों और स्वादों की विशिष्टता, विशेषकर हैदराबादी और आंध्र-तेलंगाना व्यंजनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

अमेरिका सबसे बड़ा बाजार

देशों की बात करें तो अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है, इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड, यूके, जर्मनी, स्वीडन, सिंगापुर, नीदरलैंड और डेनमार्क जैसे देश शामिल हैं। यह दर्शाता है कि भारतीय स्वाद की चाह सिर्फ पारंपरिक प्रवासी केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोप और एशिया के कई हिस्सों में फैली हुई है।

भारतीय थाली का मतलब सिर्फ पकवान नहीं, पूरी संस्कृति

थाली का मतलब सिर्फ खाना नहीं, एक पूरी सांस्कृतिक प्रणाली है। एक थाली में चावल, रोटी, दाल, सब्जी, दही, अचार, चटनी और मिठाई जैसे कई घटक शामिल होते हैं। ये स्वाद, पोषण और सांस्कृतिक संतुलन का प्रतीक होते हैं। आयुर्वेद में थाली में छह स्वाद (मधुर, अम्ल, लवण, कटु, तिक्त, कसैला) का संतुलन जरूरी माना गया है, जो पाचन और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक होता है।

NRI परिवार सिर्फ स्वाद का दीवाना नहीं, यादें भी हैं खास

NRI परिवारों की थाली में यह बदलाव सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि पहचान और यादों का भी है। दूसरे-पीढ़ी के प्रवासी, जो विदेश में पले-बढ़े हैं, वे थाली की परंपरा को नए अंदाज में जीवित रख रहे हैं। वे पारंपरिक थाली की मेजबानी करते समय आधुनिक सुविधाओं जैसे पोटलक (potluck), स्टोर-खरीदे मिठाई और थाली की गति को अपने घरों के हिसाब से ढालते हैं।

एक ग्लोबल लाइफस्टाइल आइकन बनी भारतीय थाली

यह बदलाव सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय थाली अब वैश्विक खाने की संस्कृति में एक पहचान बन चुकी है। भारतीय खाद्य फ्रैंचाइजियां जैसे Haldiram’s, Biryani Blues और Chai Point ने थाली और स्नैक्स को एक आधुनिक, तकनीकी रूप में पेश किया है, जिससे यह सिर्फ प्रवासी यादों का हिस्सा नहीं, बल्कि एक ग्लोबल लाइफस्टाइल आइकन बन गया है।

क्या यह बदलाव क्यों मायने रखता है?

यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं है, यह पहचान, जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत की बात है। जब NRI परिवार Pista House का Haleem या Andhra Avakaya जैसे विशिष्ट व्यंजन मंगाते हैं, तो वे सिर्फ खाना मंगवा रहे नहीं होते, बल्कि एक अनुभव, एक याद, और एक पहचान मंगवा रहे होते हैं। यह प्रवृत्ति यह भी बताती है कि भारतीय व्यंजन अब सिर्फ 'इंडियन' नहीं, बल्कि 'हैदराबादी', 'तेलंगाना', 'आंध्र' जैसी विशिष्ट पहचान के साथ दुनिया में फैल रहे हैं।

अब आप क्या करें?

यदि आप NRI परिवार से हैं या विदेश में रहने वाले किसी भारतीय को जानते हैं, तो अगली बार जब थाली की बात हो, तो सिर्फ सामान्य मिठाई या सब्जी के बजाय उस शहर या क्षेत्र की खासियत को चुनें, चाहे वह हैदराबादी बिरयानी हो, गुजराती फर्सान हो या बंगाली मिठाई। यह स्वाद का नहीं, बल्कि पहचान का जश्न होगा।