कई लोगों को लगता है कि अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए वकील की फीस देना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है। सरकार की ओर से कुछ विशेष वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें महिलाएं और बच्चे, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्य, दिव्यांग व्यक्ति, मानव तस्करी या बेगार के शिकार लोग, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यक्ति और हिरासत में मौजूद लोग शामिल हैं।