
कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर दे रहीं जोर, PC-IANS
भारत के रोजगार बाजार से अच्छी खबर सामने आई है। अक्टूबर 2026 में व्हाइट-कॉलर यानी कार्यालय आधारित और पेशेवर नौकरियों की भर्ती गतिविधियों में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रोजगार पोर्टल नौकरी डॉट कॉम की ताजा जॉबस्पीक रिपोर्ट के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग, उत्पादन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े कौशल की मजबूत मांग ने भर्ती गतिविधियों को गति दी है। ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और बीपीओ जैसे क्षेत्रों में भी कंपनियों ने नई नियुक्तियों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स बढ़कर 2,836 पर पहुंच गया, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 2,480 था। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस वृद्धि के पीछे अनुकूल आधार प्रभाव की भी भूमिका रही। पिछले साल दिवाली अक्टूबर में पड़ने के कारण उस महीने भर्ती गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी थीं। ऐसे में अक्टूबर 2026 की वृद्धि को देखते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
उद्योगों के आधार पर देखें तो अक्टूबर में ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे आगे रहा। इस क्षेत्र में भर्ती गतिविधियों में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद बीपीओ और आईटीईएस क्षेत्र में 17 प्रतिशत तथा बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विभिन्न उद्योगों में उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी भूमिकाओं की मांग 39 प्रतिशत बढ़ी। यह दर्शाता है कि कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अपनी परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुशल कर्मचारियों की नियुक्ति पर जोर दे रही हैं।
इंफो एज (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेश ओबेरॉय ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही हैं। इसके साथ ही एआई से जुड़े कौशल की मांग भी मजबूत बनी हुई है।
उनके अनुसार, भर्ती बाजार में दिखाई दे रहे ये रुझान बताते हैं कि कंपनियां अपनी वास्तविक कारोबारी जरूरतों और भविष्य की क्षमताओं को ध्यान में रखकर कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भर्ती गतिविधियां विभिन्न उद्योगों में अलग-अलग कौशल और आवश्यकताओं के आधार पर आगे बढ़ रही हैं।
ऑटोमोबाइल उद्योग में भर्ती के आंकड़े विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। इस सेक्टर में उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं के लिए भर्ती 41 प्रतिशत बढ़ी। वहीं, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) से जुड़ी नौकरियों में 53 प्रतिशत और खरीद तथा सप्लाई चेन से संबंधित पदों पर 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके मुकाबले बिक्री और व्यवसाय विकास से जुड़ी भर्ती में केवल 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के अनुसार, वाहन निर्माता कंपनियां फिलहाल डिजाइन, उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही हैं।
औद्योगिक उत्पाद और भारी मशीनरी क्षेत्र में भी उत्पादन से जुड़े कर्मचारियों की मांग मजबूत रही। इस क्षेत्र में उत्पादन संबंधी भर्ती 40 प्रतिशत बढ़ी, जबकि गुणवत्ता आश्वासन से जुड़े पदों पर 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसी तरह निर्माण, इंजीनियरिंग, सीमेंट और धातु क्षेत्र में उत्पादन संबंधी नौकरियों की मांग 33 प्रतिशत बढ़ी। प्रोजेक्ट एवं प्रोग्राम मैनेजमेंट में 25 प्रतिशत और साइट इंजीनियरिंग से जुड़ी भर्तियों में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कंपनियां उत्पादन के साथ परियोजना प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और परिचालन दक्षता को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पादों यानी एफएमसीजी क्षेत्र में कुल भर्ती गतिविधियां 6 प्रतिशत बढ़ीं। हालांकि, इस क्षेत्र के अलग-अलग कार्यों में भर्ती का रुझान एक जैसा नहीं रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, एफएमसीजी कंपनियों में उत्पादन से जुड़े पदों पर भर्ती 40 प्रतिशत और खरीद संबंधी भूमिकाओं में 20 प्रतिशत बढ़ी। दूसरी ओर, बिक्री और व्यवसाय विकास से संबंधित पदों पर भर्ती में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
यह अंतर बताता है कि कंपनियों का भर्ती संबंधी ध्यान फिलहाल उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था की ओर अधिक केंद्रित है।
अनुभव के आधार पर भर्ती के आंकड़ों में वरिष्ठ पेशेवरों की मांग सबसे मजबूत रही। रिपोर्ट के अनुसार, 13 से 16 वर्ष का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में 22-22 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वहीं, नए उम्मीदवारों यानी फ्रेशर्स की भर्ती 15 प्रतिशत बढ़ी। आठ से 12 वर्ष का अनुभव रखने वाले पेशेवरों के लिए भर्ती में 14 प्रतिशत और चार से सात वर्ष के अनुभव वाले कर्मचारियों के लिए 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिपोर्ट के आंकड़े संकेत देते हैं कि भारतीय रोजगार बाजार में अनुभवी कर्मचारियों के साथ नए प्रतिभाशाली उम्मीदवारों के लिए भी अवसर बढ़ रहे हैं। हालांकि, यह इंडेक्स नौकरी पोर्टल पर भर्ती गतिविधियों को दर्शाता है, देश में वास्तव में नियुक्त किए गए कुल कर्मचारियों की संख्या को नहीं।
Updated on:
3 Nov 2026, 3:06 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 3:06 PM IST
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