
Robotic cleaning in Patna: AI Creative
Robotic cleaning in Patna: पटना की सड़कों और नालों में अब सफाईकर्मी नहीं, बल्कि रोबोटिक रोवर उतरेंगे, यह बदलाव शहर की सफाई व्यवस्था को नई दिशा देगा। नगर निगम ने हाल ही में 12 रोबोटिक रोवर खरीदने की मंजूरी दी है, जो सफाईकर्मियों को खतरनाक मैनहोल में उतरने से बचाएंगे और सफाई प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित व कुशल बनाएंगे।
पटना नगर निगम ने 6 सितंबर 2026 को 12 रोबोटिक रोवर खरीदने की मंजूरी दी है, जिन्हें छह नगर सर्किलों में दो-दो रोबोट तैनात किए जाएंगे। ये रोबोट वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल दोनों प्रकार के मैनहोल, तूफानी जल निकासी (स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज) और अन्य नालों की सफाई में सक्षम होंगे। हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर लगाए जाने वाले ये रोबोट शहर के विभिन्न हिस्सों में आसानी से पहुंचाए जा सकेंगे।
नगर निगम ने 53,606 मैनहोल और 41,594 कैचपिट्स का जीआईएस टैगिंग के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया है। यह डिजिटल मैपिंग रोबोटिक सफाई को अधिक व्यवस्थित और मॉनिटर करने योग्य बनाएगी।
मैनहोल की सफाई में सफाईकर्मियों को संकीर्ण और खतरनाक स्थानों में उतरना पड़ता था, जिससे गैसों और अन्य जोखिमों का सामना करना पड़ता था। रोबोटिक रोवर के आने से यह जोखिम काफी हद तक कम हो जाएगा। खासकर मॉनसून के समय, जब जल निकासी की व्यवस्था सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होती है, रोबोट की तैनाती से सफाई अभियान और भी प्रभावी हो सकेंगे।
यह पहल पटना में सफाई और जल निकासी सेवाओं में आधुनिकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रोबोटिक रोवरों की तैनाती से सफाईकर्मियों की सुरक्षा बढ़ेगी, सफाई की प्रक्रिया तेज होगी और शहर की स्वच्छता में सुधार आएगा।
देश के अन्य शहरों में भी रोबोटिक सफाई तकनीक अपनाई जा चुकी है। उदाहरण के लिए, मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम ने ‘Bandicoot’ रोबोट तैनात किए, जिनसे 2024-25 के बीच 1,111 मैनहोल और फिर जून 2025 से अब तक 1,069 मैनहोल की सफाई की गई है। इस तकनीक से मानव प्रवेश पूरी तरह बंद हुआ, जिससे सफाईकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
केरल के तिरुवनंतपुरम में भी ‘G-SPIDER’ नामक एआई-सक्षम रोबोटिक सिस्टम को स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0 के तहत नालों की सफाई के लिए तैनात किया गया है। यह रोबोट विषाक्त गैसों और दूषित पानी से बचाते हुए स्वचालित सफाई करता है।
आईआईटी मद्रास से निकली स्टार्टअप Solinas ने ‘Homosep Atom’ नामक सेप्टिक टैंक और मैनहोल सफाई रोबोट विकसित किया है, जो 16 शहरों में इस्तेमाल हो चुका है। इस तकनीक ने सफाईकर्मियों को अंदर उतरने से बचाया और स्वच्छता अभियान को मजबूत किया।
यह कदम केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा, शहर की स्वच्छता और आधुनिक शहरी सेवाओं की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है। डिजिटल मैपिंग और रोबोटिक सफाई का संयोजन सफाई व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाएगा। मॉनसून में जलभराव की समस्या से निपटने में यह विशेष रूप से कारगर साबित हो सकता है।
अब देखना होगा कि रोबोटिक रोवर कब से काम शुरू करेंगे, उनकी रखरखाव व्यवस्था कैसी होगी, और सफाईकर्मियों को इससे किस प्रकार प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण है कि तकनीक कितनी विश्वसनीय और समय पर उपलब्ध होगी, खासकर आपातकालीन स्थितियों में।
पटना की यह पहल अन्य शहरों के लिए एक मॉडल बन सकती है, जो शहरी सफाई में तकनीक और मानव सुरक्षा को साथ लेकर चलने की दिशा में एक ठोस कदम है।
Updated on:
11 Sept 2026 04:51 pm
Published on:
11 Sept 2026 04:51 pm
