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राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन होगा? 5200 से ज्यादा आवेदनों के बाद चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में

Ram Mandir CEO Selection : राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन होगा? जानिए 5200 से अधिक आवेदनों के बाद 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू, चयन समिति, और इस प्रशासनिक पद की प्रमुख जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी।
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Ram Mandir

Ram Mandir : कौन होगा श्री राममंदिर का CEO, PC- ANI

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी में है। पहली बार ट्रस्ट एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने जा रहा है। इस पद के लिए देशभर से 5200 से अधिक आवेदन आए थे। लंबी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद अब केवल 18 उम्मीदवार अंतिम दौर में पहुंचे हैं, जिनके इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में होंगे।

यह केवल एक प्रशासनिक पद नहीं है, बल्कि देश के सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थानों में से एक की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि CEO की जरूरत क्यों पड़ी, चयन प्रक्रिया कैसी है और आखिर उम्मीदवारों का इंटरव्यू कौन लेगा।

CEO नियुक्त करने की जरूरत क्यों पड़ी?

राम मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और आने वाले वर्षों में यह संख्या करोड़ों तक पहुंचने का अनुमान है। मंदिर परिसर का विस्तार, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, दान का लेखा-जोखा, कर्मचारियों का संचालन और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय जैसे कार्य लगातार बढ़ रहे हैं।

अब तक इन व्यवस्थाओं को ट्रस्ट और उसके पदाधिकारी संभाल रहे थे, लेकिन मंदिर के बढ़ते दायरे को देखते हुए एक पेशेवर प्रशासनिक प्रमुख की आवश्यकता महसूस की गई। इसी वजह से पहली बार CEO नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।

CEO की भूमिका क्या होगी?

CEO राम मंदिर ट्रस्ट और मंदिर प्रशासन के बीच एक पेशेवर प्रबंधन प्रमुख की भूमिका निभाएगा।

प्रमुख जिम्मेदारियां

  • मंदिर के दैनिक संचालन की निगरानी
  • दान और वित्तीय प्रबंधन
  • श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार
  • सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
  • कर्मचारियों और अधिकारियों का समन्वय
  • सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल
  • ट्रस्ट की नीतियों को लागू करना
  • प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना

चयनित CEO को अयोध्या में रहकर काम करना होगा और उसका प्रारंभिक कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।

CEO बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए
  • उम्र लगभग 50 से 70 वर्ष
  • किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक
  • प्रशासन, वित्त या प्रबंधन क्षेत्र में कम से कम 20 वर्षों का अनुभव
  • हिंदी और अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान
  • हिंदू परंपराओं और राम मंदिर की सांस्कृतिक महत्ता की समझ
  • धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता

चयन प्रक्रिया कैसे कर रही काम?

आवेदन आमंत्रित किए गए : जुलाई 2026 में ट्रस्ट ने CEO पद के लिए आवेदन मांगे। आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई थी।

रिकॉर्ड संख्या में आवेदन : देशभर से करीब 5,200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सेवानिवृत्त IAS, IPS अधिकारी, रक्षा सेवाओं के अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी और कॉरपोरेट क्षेत्र के अनुभवी प्रशासक शामिल थे।

स्क्रीनिंग शुरू हुई : आवेदनों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा होने के कारण चयन प्रक्रिया को अतिरिक्त समय देना पड़ा। हर उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव और पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच की गई।

अंतिम सूची तैयार हुई : लंबी स्क्रीनिंग के बाद केवल 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए चुना गया। अब इन्हीं में से राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO चुना जाएगा।

उम्मीदवारों का इंटरव्यू कौन लेगा? : CEO चयन के लिए ट्रस्ट ने एक तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई है। यही समिति 11 और 12 अगस्त को उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू लेगी।

चयन समिति के सदस्य

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली

  • जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
  • न्यायिक और प्रशासनिक मामलों का लंबा अनुभव

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी

  • भारतीय सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी
  • संगठन और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं

वैज्ञानिक सुरेश हवारे

  • शिरडी साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष
  • बड़े धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का अनुभव
  • सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक और NIT रायपुर के पूर्व अध्यक्ष

इंटरव्यू में क्या देखा जाएगा?

उम्मीदवारों का मूल्यांकन केवल उनके रिज्यूमे के आधार पर नहीं होगा। चयन समिति कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर उनकी परीक्षा लेगी। जानिए क्या हैं इंटरव्यू के प्रमुख मानदंड…।

  • नेतृत्व क्षमता
  • प्रशासनिक अनुभव
  • वित्तीय प्रबंधन कौशल
  • बड़े संस्थानों को संचालित करने का अनुभव
  • धार्मिक और सांस्कृतिक समझ
  • संकट प्रबंधन क्षमता
  • श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने की योग्यता

इंटरव्यू के बाद क्या होगा?

11 और 12 अगस्त को इंटरव्यू पूरे होने के बाद चयन समिति सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों में से तीन नामों का पैनल तैयार करेगी।

  • समिति तीन नाम ट्रस्ट को सौंपेगी
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट उन नामों पर विचार करेगा
  • अंतिम CEO का चयन ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा

यानी इंटरव्यू लेने वाली समिति सिफारिश करेगी, लेकिन अंतिम फैसला ट्रस्ट के हाथ में रहेगा।

किस तरह के लोग दौड़ में हैं?

हालांकि शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार आवेदकों में सबसे बड़ी संख्या सेवानिवृत्त नौकरशाहों और वरिष्ठ प्रशासकों की रही है।

  • सेवानिवृत्त IAS अधिकारी
  • सेवानिवृत्त IPS अधिकारी
  • पूर्व रक्षा अधिकारी
  • सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के वरिष्ठ अधिकारी
  • कॉरपोरेट प्रबंधन विशेषज्ञ
  • धार्मिक संस्थानों के प्रशासक
  • वित्तीय और प्रशासनिक विशेषज्ञ
बिंदुविवरण
📝 कुल आवेदन5,200+
🎯 अंतिम सूची18 उम्मीदवार
📅 इंटरव्यू11-12 अगस्त
👥 इंटरव्यू लेने वाली समिति3 सदस्यीय चयन समिति
⚖️ समिति के सदस्यप्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी, सुरेश हवारे
📋 इंटरव्यू के बाद3 नाम ट्रस्ट को भेजे जाएंगे
🏛️ अंतिम चयनश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
⏳ कार्यकाल3 वर्ष
📍 कार्यस्थलअयोध्या

क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या, दान राशि, प्रशासनिक जरूरतें और सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा। ऐसे में ट्रस्ट पहली बार एक पेशेवर CEO नियुक्त कर संस्थागत प्रबंधन को मजबूत करना चाहता है।